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Delhi Population Census: जानिए दिल्ली के वो तीन जिले, जिनकी आबादी ने तोड़े रिकॉर्ड

दिल्ली की जनसांख्यिकी में बड़ा बदलाव आया है। नए जनगणना आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी की आबादी अब 2.3 करोड़ के पार पहुंच गई है, जिसमें उत्तर-पूर्वी दिल्ली समेत तीन जिलों का दबदबा है।
Delhi Population Census: जानिए दिल्ली के वो तीन जिले, जिनकी आबादी ने तोड़े रिकॉर्ड

Delhi Population Census: जानिए दिल्ली के वो तीन जिले, जिनकी आबादी ने तोड़े रिकॉर्ड

दिल्ली की आबादी 2011 के मुकाबले बढ़कर 2.3 करोड़ हुई

दिल्ली डेस्क, 16 जून 2026

राजधानी दिल्ली में 14 जून को संपन्न हुए जनगणना 2027 के प्रथम चरण के आंकड़ों की खूब चर्चा हो रही है। ये आंकड़े दरअसल दिल्ली की डेमोग्राफी Delhi Population Census में आ रहे बदलावों को उजागर करते हैं। शुरुआती सर्वे के परिणामों पर गौर करें तो 2011 की जनगणना के मुकाबले दिल्ली की आबादी में रिकॉर्डतोड़ वृद्धि हुई है। दिल्ली की आबादी 2.3 करोड़ के आंकड़े को भी अब पार कर चुकी है। लेकिन सबसे दिलचस्प है इस विशाल आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा, यानी करीब 78 लाख से अधिक नागरिक, सिर्फ तीन प्रमुख जिलों में ही निवास कर रहे हैं।

'हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस' (HLO) के तहत दिल्ली के सभी 13 जिलों के 76 लाख रिहाइशी मकानों और लगभग 55 लाख परिवारों का डेटा बेस तैयार किया गया। इसके विश्लेषण से पता चला कि जनसंख्या के घनत्व Delhi Population Census के मामले में दिल्ली का उत्तर-पूर्वी जिला पूरी राजधानी में सबसे आगे है। इस फेहरिस्त में दूसरे स्थान पर दक्षिण-पश्चिम जिला है, जबकि पश्चिम जिला तीसरे नंबर पर काबिज है। इन तीनों क्षेत्रों में बढ़ती भीड़ और जनसंख्या का दबाव यह बताने के लिए काफी है कि दिल्ली के बाहरी और उप-शहरी इलाकों की तरफ लोगों का रुझान कितनी तेजी से बढ़ा है। इसके विपरीत, लुटियंस जोन और वीआईपी रिहाइश वाले नई दिल्ली जिले में सबसे कम आबादी दर्ज की गई है।

ये आंकड़े एकत्र करने के लिए प्रशासन ने पूरी दिल्ली को 45,863 'हाउस लिस्टिंग ब्लॉक' (HLB) में विभाजित किया था, जहां प्रत्येक ब्लॉक में औसतन 180 परिसरों का मूल्यांकन हुआ। इस प्रारंभिक गणना Delhi Population Census के बाद दिल्ली में सामान्य रूप से जीवनयापन कर रहे नागरिकों की संख्या 2,30,78,796 दर्ज की गई है। हालांकि, दिल्ली के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इन आंकड़ों को अभी अंतिम नहीं माना जाना चाहिए। राजधानी की जनसंख्या की वास्तविक और पूरी तरह प्रामाणिक तस्वीर फरवरी 2027 में होने वाले दूसरे चरण की पूर्ण जनगणना के बाद ही साफ हो पाएगी, जिसके बाद अंतिम आंकड़े गजट में प्रकाशित किए जाएंगे।

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राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंख्या के फैलाव को देखें तो जिलावार आंकड़े स्थिति को और स्पष्ट करते हैं। वर्तमान में उत्तर-पूर्वी जिले की जनसंख्या 28,68,949 है, जो इसे सबसे भारी आबादी वाला क्षेत्र बनाती है। इसके बाद दक्षिण-पश्चिम जिला 25,00,195 नागरिकों के साथ दूसरे और पश्चिम जिला 24,42,346 की संख्या के साथ तीसरे स्थान पर है। अन्य क्षेत्रों की बात करें तो दक्षिण-पूर्व में 22,70,778, पूर्वी दिल्ली में 21,66,251, उत्तर-पश्चिम में 20,63,964 और दक्षिण जिले में 20,55,909 लोग रह रहे हैं। इसके अलावा बाहरी उत्तर जिला में 19,15,700, उत्तरी जिला में 17,02,900, मध्य उत्तर में 11,31,599, मध्य जिला में 9,60,798, पुरानी दिल्ली में 7,54,478 और सबसे अंत में नई दिल्ली जिले में महज़ 2,44,929 निवासी दर्ज हैं।

इस बार की जनगणना प्रक्रिया Delhi Population Census में आधुनिक तकनीक और डिजिटल इंडिया का असर भी साफ देखने को मिला। दिल्ली नगर निगम (MCD) के सभी 250 वार्डों में इस बार नागरिकों को 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) यानी खुद ऑनलाइन डेटा भरने का विकल्प दिया गया था, जिसका दिल्ली के करीब 1.34 लाख लोगों ने लाभ उठाया। इस डिजिटल पहल में भी दक्षिण-पश्चिम जिला सबसे जागरूक रहा, जहां 26,475 लोगों ने ऑनलाइन माध्यम चुना। इसके विपरीत, पुरानी दिल्ली के इलाकों में डिजिटल माध्यमों के प्रति उदासीनता दिखी और वहां सबसे कम लोगों ने ऑनलाइन स्व-गणना में हिस्सा लिया। बहरहाल, इस नए जनसांख्यिकीय बदलाव के बाद अब सरकार को दिल्ली के मास्टर प्लान और भविष्य के बुनियादी ढांचे को नए सिरे से री-डिजाइन करना होगा।

Delhi Desk

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