Kejriwal-Kapil Mishra Twitter Clash: रुचिका सिंह मामले पर केजरीवाल के आरोप, मंत्री कपिल मिश्रा का पलटवार
दिल्ली की राजनीति में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर हमलावर हैं। वहीं भाजपा अन्य विपक्षी दलों के आरोपों को निराधार बताती रही है। ताजा विवाद आम आदमी पार्टी से जुड़ा है। आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी बयानबाज़ी हुई। यह विवाद केजरीवाल के एक पोस्ट से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने रुचिका सिंह (Ruchika Singh) नाम की एक महिला से जुड़े मामले का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर निशाना साधा।
केजरीवाल ने क्या लिखा
अपने X पोस्ट में अरविंद केजरीवाल ने रुचिका सिंह के साथ हुए व्यवहार को "कायराना हरकत" बताया और आरोप लगाया कि इसके ज़रिए युवाओं में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है। केजरीवाल ने लिखा कि अब युवाओं के मन से यह डर खत्म हो चुका है और सोशल मीडिया पर कई और लोग सरकार के खिलाफ वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। उन्होंने रुचिका सिंह को समर्थन का भरोसा भी दिया।
कपिल मिश्रा का पलटवार
दिल्ली सरकार में कानून एवं न्याय (Law & Justice), श्रम (Labour) विभाग संभाल रहे कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने केजरीवाल के पोस्ट का कड़ा जवाब दिया। मिश्रा ने अपने पोस्ट में स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) की घटना का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उन्हें आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के दौरान पीटवाया गया था। उन्होंने संतोष कोली (Santosh Koli) की मां को धक्के मारकर घर से निकलवाने का भी दावा किया। मिश्रा ने यह आरोप भी लगाया कि AAP सरकार के कार्यकाल में दिल्ली में शराब की बोतलें मुफ्त बांटी गईं, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए।

युवाओं को लेकर भी बयान
मिश्रा ने अपने पोस्ट में यह दावा भी किया कि दिल्ली के युवाओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में वोट देकर आम आदमी पार्टी को सत्ता से बाहर किया। उन्होंने केजरीवाल के समर्थकों पर सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
यह विवाद ऐसे समय हुआ है जब बीजेपी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच पंजाब पेपर लीक (Punjab Paper Leak) मामले को लेकर पहले से ही टकराव जारी है। दोनों दलों के बीच सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी का यह सिलसिला दिल्ली की राजनीति में लगातार बना हुआ है।