दिल्ली में SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हो गई है। करीब 47 लाख लोगों का नाम बाहर किया गया है। अब इन लोगों के सामने अपना नाम जुड़वाने की जद्दोजहद है। लेकिन हैरानी की बात है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट के मंत्रियों की विधानसभा में जमकर वोट हटाए गए हैं। शायद यही वजह है कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा कि आबादी को लेकर परेशान होने की जरुरत नहीं है। चुनाव आयोग को मौका दिया जाए तो ये 50 करोड़ आबादी वैसे ही कम कर देगा।
मुख्यमंत्री की विधानसभा से 50 हजार से अधिक वोटर हटाए गए
दिल्ली विधानसभा चुनावों में शालीमार विधानसभा से रेखा गुप्ता प्रत्याशी थी। रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी को 29,595 वोटों से शिकस्त दी थी। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शालीमार विधानसभा से 54,749 वोटर हटाए गए हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि शालीमार विधानसभा में कुल वोटरों की संख्या 1 लाख 77 हजार 429 थी जिसमें से 54,749 वोटर हटाने के बाद अब कुल1 लाख 22 हजार 680 वोटर बचे हैं।
मंत्रियों की विधानसभा में भी वोटर हटाए गए
जनकपुरी से विधायक आशीष सूद को वर्तमान में शिक्षा मंत्री का दायित्व मिला हुआ है। आशीष सूद की विधानसभा में कुल 1 लाख 80 हजार 351 वोटर थे। एसआईआर में 46 हजार 107 वोटरों के नाम कटने के बाद कुल वोटरों की संख्या 1 लाख 34 हजार 224 हो गई है। वर्तमान परिवहन मंत्री पंकज सिंह की विधानसभा विकासपुरी में भी जमकर वोट कटे हैं। यहां कुल वोटरों की संख्या 4 लाख 21 हजार 792 थी। एसआईआर में 1 लाख 46 हजार 511 वोटरों के नाम हटाने के बाद कुल वोटरों की संख्या 2 लाख 75 हजार 281 रह गई है। इसी तरह कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा की नई दिल्ली विधानसभा में कुल वोटरों की संख्या 89 हजार 683 थी। SIR में 37 हजार 754 वोटरों को हटाने के बाद कुल वोटरों की संख्या 52 हजार 229 रह गई है।
मंत्री कपिल मिश्रा की विधानसभा सीट करावल नगर में भी बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम काटे गए हैं। करावल नगर विधानसभा में कुल वोटरों की संख्या 3 लाख 5 हजार 433 थी। एसआईआर के बाद 1 लाख 226 वोटरों का नाम हटाया गया, जिसके बाद कुल वोटरों की संख्या 2 लाख 5 हजार 207 रह गई है।