15 दिन मिलेगी 'स्व-गणना' की छूट, पूछे जाएंगे 40 सवाल
राजधानी दिल्ली में जनगणना प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली में जनगणना का दूसरा चरण आगामी 10 जनवरी से शुरू हो सकता है। प्रशासनिक स्तर पर इसे सुचारू रूप से लागू करने के लिए दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा की अध्यक्षता में जल्द ही एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
जनगणना का पूरा शेड्यूल और समयावधि
प्रस्तावित योजना के तहत नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है:
- स्व-गणना (Self-enumeration): पहले चरण की तर्ज पर इस बार भी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने से पहले आम नागरिकों को 15 दिनों का समय 'स्व-गणना' के लिए दिया जाएगा। यह प्रक्रिया 10 जनवरी से 24 जनवरी तक चलेगी।
- घर-घर डेटा संग्रह: स्व-गणना का समय समाप्त होने के बाद, 25 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रगणक (सर्वे करने वाले कर्मचारी) घर-घर जाकर डेटा जुटाने का काम पूरा करेंगे।
- संशोधन दौर: आंकड़ों में किसी भी तरह की त्रुटि को सुधारने के लिए 1 से 5 मार्च तक 'संशोधन दौर' चलाया जाएगा।
गौरतलब है कि दिल्ली में जनगणना का पहला चरण 14 जून को पूरा हुआ था, जिसमें लगभग 76 लाख घरों और करीब 55 लाख परिवारों को कवर किया गया था। सर्वेक्षकों के अनुमान के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली में लगभग 2.3 करोड़ से अधिक लोग निवास कर रहे हैं।
पूछे जाएंगे कुल 40 सवाल: सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक विवरण शामिल
जनगणना के इस चरण में नागरिकों को कुल 40 सवालों के जवाब देने होंगे। प्रश्नावली में व्यक्तिगत जानकारियों के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक स्थिति से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल किए गए हैं:
- व्यक्तिगत व सामाजिक विवरण: नाम, लिंग, जन्म तिथि, उम्र, वैवाहिक स्थिति, परिवार के मुखिया से संबंध, राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा, और विकलांगता (दिव्यांगता) से जुड़ी जानकारियां मांगी जाएंगी।
- शैक्षिक व व्यावसायिक स्थिति: लोगों की योग्यता, रोजगार की वर्तमान स्थिति और व्यवसाय से संबंधित प्रश्न शामिल होंगे।
- आर्थिक व पारिवारिक सर्वे: बच्चों की संख्या, बैंक खातों का विवरण, तथा उत्तरदाता के पास उपलब्ध डिजिटल व पहचान साधनों (जैसे मोबाइल फोन, पहचान पत्र या पासपोर्ट) से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा प्रश्नावली में माता-पिता की जन्मतिथि और जन्मस्थान से जुड़े प्रश्न भी शामिल हैं।
1931 के बाद पहली बार जाति का विवरण भी शामिल
इस जनगणना का सबसे विशेष बिंदु यह है कि इसमें जाति से संबंधित विवरण को भी शामिल किया जा रहा है, जो वर्ष 1931 की जनगणना के बाद पहली बार व्यापक स्तर पर दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा प्रवास, शिक्षा और धर्म जैसे विविध पहलुओं पर विस्तृत डेटा एकत्र किया जाएगा।