कुंभकरण, मेघनाद व अहिरावण वध के साथ गूंजा राम-रावण युद्ध: अशोक विहार रामलीला में पुतलों के दहन पर लगे 'जय श्री राम' के नारे
Delhi Ramlila Update: अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 के मंच पर आज लीलामंचन का सबसे रोमांचक और भव्य दृश्य देखने को मिला। आज की लीला में कुंभकरण, मेघनाद और अहिरावण वध के साथ-साथ प्रभु श्री राम और रावण के बीच हुए भीषण युद्ध का अत्यंत प्रभावशाली मंचन किया गया, जिसे देखने पहुंचे हजारों दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। रामलीला कमेटी के प्रेरक अशोक गुप्ता, चेयरमैन अनिल गुप्ता और लख्मीचंद मकरानी ने संयुक्त रूप से बताया कि आज का मंचन दर्शकों के लिए मनोरंजन और थ्रिल से भरपूर था।
सोए कुंभकरण का जागना और बच्चों की तालियाँ
लीला मंचन के दौरान सोए हुए कुंभकरण को जगाने का दृश्य, रावण का प्रचंड क्रोध, प्रभु श्री राम को ललकारने वाले उनके अहंकारी संवादों ने पूरे मैदान में रोमांच पैदा कर दिया। खासकर बच्चों में इन दृश्यों को लेकर गजब का उत्साह देखा गया और वे लगातार तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करते नजर आए।
कमेटी के सदस्य डॉ. महेंद्र नागपाल ने जानकारी दी कि रावण दहन से ठीक पहले मंच पर प्रस्तुत किए गए राम-रावण के भयंकर युद्ध को दर्शकों ने खूब सराहा। युद्ध के समाप्त होते ही आसमान में आकर्षक और रंग-बिरंगी आतिशबाजी का आयोजन किया गया, जिसके बाद विशाल पुतलों का दहन हुआ। इस भव्य नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी पहुंचे हुए थे।
अग्नि तीर से वध और पुतलों से गूंजा 'राम-राम'
रामलीला कमेटी के प्रधान ललित गर्ग एवं महामंत्री योगेश गोयल ने बताया कि रावण, कुंभकरण, अहिरावण और मेघनाथ के पुतलों का वध अग्नि तीर के माध्यम से किया गया। इस दौरान सबसे खास और आश्चर्यजनक बात यह रही कि जलते और मरते वक्त इन पुतलों के मुंह से निकला 'राम-राम' का स्वर दर्शकों को अंदर तक रोमांचित कर गया।
सांसद बांसुरी स्वराज ने किया लीला का अवलोकन
आज के इस ऐतिहासिक लीलामंचन का अवलोकन करने के लिए नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज और कई अन्य प्रमुख राजनीतिक व सामाजिक नेता विशेष रूप से उपस्थित हुए। अतिथियों ने प्रभु श्री राम की लीला का आनंद लिया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
