फतेहपुर बेरी स्थित श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम में आगामी 10 अक्टूबर को पड़ने वाली शनि अमावस्या को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार शनि अमावस्या का विशेष महत्व है, क्योंकि पितृपक्ष के दौरान पड़ रही यह अमावस्या सर्वपितृ अमावस्या भी है। लंबे अंतराल के बाद शनिवार और सर्वपितृ अमावस्या का यह विशेष संयोग बन रहा है। इस अवसर पर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शनिधाम पहुंचने की संभावना है।
शनिधाम में शनि देव की विशेष पूजा-अर्चना, दर्शन, दीप प्रज्ज्वलन और तैलाभिषेक की व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालु शनि देव को सरसों का तेल अर्पित कर पूजा-अर्चना करेंगे तथा शनि मंत्रों का जाप करेंगे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी परमहंस निजस्वरूपानंद पुरी जी महाराज ने कहा कि शनि देव को केवल भय और संकट से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। वे न्याय के देवता हैं और मनुष्य को उसके कर्मों के अनुरूप फल प्रदान करते हैं। शनि अमावस्या का दिन व्यक्ति के लिए अपने कर्मों का आत्ममंथन करने और सेवा, सदाचार तथा जरूरतमंदों की सहायता का संकल्प लेने का अवसर है।
महाराज जी ने कहा कि “शनि शत्रु नहीं, मित्र हैं। जो व्यक्ति ईमानदारी, परिश्रम, माता-पिता की सेवा और जरूरतमंदों की सहायता करता है, उसे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।” उन्होंने श्रद्धालुओं से शनि अमावस्या पर आडंबर से बचते हुए श्रद्धा और सेवा भावना के साथ पूजा करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष सर्वपितृ अमावस्या और शनि अमावस्या का संयोग होने के कारण दिन का महत्व और बढ़ गया है। श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान करने के साथ शनि देव की आराधना कर सकते हैं। शनिधाम में आने वाले श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने, अनुशासन का पालन करने और दूसरों की सुविधा का ध्यान रखने की अपील की गई है।