दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन (रजि.) के अध्यक्ष संजय सम्राट ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर BS-IV डीजल टूरिस्ट टैक्सियों और बसों पर प्रस्तावित प्रतिबंध सहित परिवहन क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है।
पर्यटन उद्योग और ड्राइवरों की रोजी-रोटी पर संकट
संजय सम्राट ने कहा कि 1 नवंबर 2026 से BS-IV डीजल वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध से हजारों ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है। कोरोना महामारी के दौरान करीब दो वर्ष तक कारोबार प्रभावित रहा। इसके बाद भी पर्यटन व्यवसाय को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि टूरिस्ट वाहन साल में मुश्किल से 5–6 महीने ही काम कर पाते हैं, जबकि बैंक की ईएमआई (EMI), टैक्स, बीमा और अन्य खर्च लगातार देने पड़ते हैं। वाहन मालिकों ने लाखों रुपये निवेश करके गाड़ियां खरीदी हैं। ऐसे में अचानक प्रतिबंध लगने से ट्रांसपोर्टरों को भारी आर्थिक नुकसान होगा और हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।
भारी चालान और VLTD की लागत से राहत की मांग
एसोसिएशन ने भारी ट्रैफिक चालानों में राहत, 45 दिनों में चालान का भुगतान न होने पर वाहन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई संबंधी प्रावधानों की समीक्षा, पैनिक बटन/VLTD की लागत तथा अन्य परिवहन समस्याओं के समाधान की भी मांग की है।
CAQM के चेयरमैन के साथ बैठक का अनुरोध
संजय सम्राट ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उन्हें जल्द मुलाकात का समय दिया जाए और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के चेयरमैन के साथ एसोसिएशन की बैठक कराई जाए, ताकि परिवहन एवं पर्यटन उद्योग से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करके व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एसोसिएशन प्रदूषण नियंत्रण के खिलाफ नहीं है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण के साथ ट्रांसपोर्टरों की आर्थिक स्थिति, ड्राइवरों के रोजगार और पर्यटन उद्योग के भविष्य को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।