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दिल्ली में जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 47.7 लाख नाम हटाए गए! केजरीवाल ने SIR पर कसा तंज

दिल्ली की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 1.5 करोड़ में से 47 लाख वोटरों के नाम नहीं हैं। अरविंद केजरीवाल ने SIR प्रक्रिया पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की।
दिल्ली में जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 47.7 लाख नाम हटाए गए! केजरीवाल ने SIR पर कसा तंज

Delhi SIR draft roll सोमवार, 31 अगस्त 2026 को दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी, CEO (Chief Electoral Officer) के दफ्तर द्वारा प्रकाशित किया गया, जिसमें 47.7 lakh voters यानी दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ वोटरों में से 47.7 लाख नाम सूची से बाहर कर दिए गए — यानी करीब हर 3 में से 1 वोटर प्रभावित हुआ है। यह अब तक का Delhi electoral roll 2026 से जुड़ा सबसे बड़ा अपडेट है।

केजरीवाल ने कसा तंज

इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने X पर व्यंग्यात्मक अंदाज़ में पोस्ट किया। उनके इस Arvind Kejriwal SIR statement में लिखा था: "SIR के तहत दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आ गई है। 1.5 करोड़ में से 47 लाख वोटर के नाम नहीं हैं। भारत सरकार नाहक ही जनसंख्या को लेकर परेशान हो रही है। SIR के ज़रिए चुनाव आयोग हमारे देश की जनसंख्या 140 करोड़ से घटाकर 50 करोड़ कर देगा।" इस टिप्पणी के ज़रिए केजरीवाल ने SIR प्रक्रिया पर कटाक्ष किया है।

कैसे तय हुए हटाए गए नाम

30 जून से 17 अगस्त तक चली घर-घर सर्वे प्रक्रिया के दौरान दिल्ली के 67.18% वोटरों के फॉर्म ही डिजिटाइज़ हो पाए — करीब 97.5 लाख वोटर इसी आधार पर ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल हैं। बाकी बचे 47.7 लाख वोटरों को "अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत, डुप्लीकेट और अन्य" श्रेणी में डालकर सूची से बाहर कर दिया गया।

Tughlakabad, Mehrauli में सबसे ज़्यादा असर

Tughlakabad Mehrauli जैसे इलाकों में सबसे ज़्यादा नाम बाहर हुए। तुगलकाबाद में सबसे कम डिजिटाइज़ेशन दर रही — करीब 52%, यानी यहां लगभग आधे वोटर प्रभावित हुए। मेहरौली में सिर्फ 59% और कस्तूरबा नगर में करीब 56% डिजिटाइज़ेशन रहा।

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दिलचस्प बात यह है — 2025 विधानसभा चुनाव में सबसे कम मतदान वाली 18 सीटों में से 17 पर ही अब डिजिटाइज़ेशन दर भी दिल्ली के औसत (67%) से कम रही — यानी जिन इलाकों में लोग पहले से कम वोट डालते थे, वहीं अब सबसे ज़्यादा नाम भी बाहर हुए हैं।

दिल्ली की स्थिति देश में सबसे खराब क्यों

अगर यह आंकड़ा बरकरार रहता है, तो जिन राज्यों में अब तक SIR ड्राफ्ट रोल जारी हो चुके हैं, उनमें दिल्ली में सबसे ज़्यादा नाम बाहर हो सकते हैं:

  • तेलंगाना: 21.59%
  • अरुणाचल प्रदेश: 19.09%
  • उत्तर प्रदेश: 18.7%
  • दिल्ली: करीब 33%

 

अब वोटर क्या कर सकते हैं

जिन वोटरों के नाम हटाए गए हैं, वे फॉर्म 6 और ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ 30 सितंबर तक दावा दाखिल कर सकते हैं। दावों-आपत्तियों की जांच 29 अक्टूबर तक पूरी होगी। अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को जारी होगी।

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Sanjeev Kumar Mishra

Sanjeev Kumar Mishra

संजीव कुमार मिश्र 15 साल से श्रमजीवी पत्रकार हैं। 2009 में जर्नलिज्म में मास्टर करने के बाद राजधानी दिल्ली के प्रतिष्टित अखबारों, न्यूज चैनलों में काम किया। संजीव कुमार मिश्र के पत्रकारिता के करियर में जनसंदेश न्यूज चैनल, हरिभूमि अखबार, महामेधा अखबार, हमारा महानगर, डीएलए, दीयंगिस्तान और दैनिक जागरण महत्वपूर्ण पड़ाव है। दैनिक जागरण में साढ़े नौ साल की लंबी पारी खेली। दैनिक जागरण के राज्य ब्यूरो की सिटी टीम में कार्य करते हुए बाल आयोग, महिला आयोग से ना केवल संवेदनशील खबरें लिखीं बल्कि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, स्थानी बाजारों पर भी मजबूत पकड़ बनाई। अन्ना आंदोलन, वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड के दौरान संजीव कुमार मिश्र की कई खबरें चर्चा के केंद्रबिंदू में रहीं। इस समय Delhi Desk में सीनियर कंटेट एडिटर के रूप में कार्यरत।

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