अशोक विहार रामलीला फेज-1 में श्रीराम जन्म, ताड़का-सुबाहु वध और दशरथ-श्रवण कुमार प्रसंग का भावपूर्ण मंचन हुआ। फूलों की खुशबू और आधुनिक साउंड-लाइट्स के बीच स्वर्गलोक से अप्सराओं की पुष्प वर्षा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांसद योगेंद्र चंदोलिया भी लीला के साक्षी बने।
अशोक विहार रामलीला कमेटी फेज-1 के मंच व्यवस्था प्रमुख चंद्र बलवानी ने बताया कि आज की लीला में रामजन्म, ताड़का-सुबाहु वध और दशरथ-परशुराम संवाद को बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया। रामजन्म से समय अयोध्या में जो उत्सव का नजारा प्रस्तुत किया गया वह काबिलेतारीफ था।रामलीला प्रांगण को फूलों एवं अगरबत्तीयों से सुगंधित किया गया था।
रामलीला कमेटी के प्रेरक अनिल गुप्ता व कोषाध्यक्ष प्रमोद कोहली ने बताया कि रामजन्म के समय स्वर्गलोक से अप्सराओं द्वारा पुष्प वर्षा को देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो रहे थे और तारका-सबाहु वध के दृश्य के बाद दशरथ-श्रवण कुमार संवाद का चित्रण काफी भावुक क्षण था जिसे देखकर दर्शक अपने आसुंओं को नहीं रोक पा रहे थे। लीला मंचन में कम्प्यूटराईज्ड लाईट एवं साउंड, जंगल में पक्षी की चहचाहट का भी इस्तेमाल किया गया है।

रामलीला कमेटी के महामंत्री योगेश गोयल ने बताया कि आज की लीला का अवलोकन करने दिल्ली के सांसद योगेन्द्र चंदोलिया एवं पवन शर्मा जी उपस्थित थे।
Sanjeev Kumar Mishra
संजीव कुमार मिश्र 15 साल से श्रमजीवी पत्रकार हैं। 2009 में जर्नलिज्म में मास्टर करने के बाद राजधानी दिल्ली के प्रतिष्टित अखबारों, न्यूज चैनलों में काम किया। संजीव कुमार मिश्र के पत्रकारिता के करियर में जनसंदेश न्यूज चैनल, हरिभूमि अखबार, महामेधा अखबार, हमारा महानगर, डीएलए, दीयंगिस्तान और दैनिक जागरण महत्वपूर्ण पड़ाव है। दैनिक जागरण में साढ़े नौ साल की लंबी पारी खेली। दैनिक जागरण के राज्य ब्यूरो की सिटी टीम में कार्य करते हुए बाल आयोग, महिला आयोग से ना केवल संवेदनशील खबरें लिखीं बल्कि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, स्थानी बाजारों पर भी मजबूत पकड़ बनाई। अन्ना आंदोलन, वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड के दौरान संजीव कुमार मिश्र की कई खबरें चर्चा के केंद्रबिंदू में रहीं। इस समय Delhi Desk में सीनियर कंटेट एडिटर के रूप में कार्यरत।