चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दिल्ली पहुंचते ही China Southern Airlines ने 6 साल बाद ग्वांगझू-दिल्ली डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने का ऐलान किया है। ग्वांगझू भारत के व्यापारियों के लिए मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा हब माना जाता है। ऐसे में इस डायरेक्ट कनेक्टिविटी के शुरू होने से भारतीय ट्रेडर्स/इम्पोर्टर्स को जबरदस्त फायदा होगा, बिजनेस ट्रैवल, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स की लागत पर इसका अच्छा असर पड़ेगा। दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चीन और भारत के बीच वार्ता के सकारात्मक माहौल को देखते हुए दोनों देशों के बीच व्यापार 200 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है जो कि 2025 में लगभग 155 बिलियन डॉलर था।
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार
_"ग्वांगझू-दिल्ली डायरेक्ट फ्लाइट का 6 साल बाद शुरू होना भारतीय व्यापारियों के लिए गेम-चेंजर है। ग्वांगझू सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि दुनिया की फैक्ट्री है। दिल्ली के सदर बाजार, करोल बाग, चांदनी चौक, कश्मीरी गेट, लाजपत राय मार्केट, भागीरथ प्लेस, चावड़ी बाजार, गांधीनगर के 70% इम्पोर्टर्स का माल वहीं से आता है। पिछले 6 सालों से व्यापारियों को वाया हांगकांग, सिंगापुर या कोलकाता होकर जाना पड़ रहा था, जिससे 1 दिन का सफर 2 दिन का हो गया था और टिकट 60-70 हजार तक पहुंच गया था।"
_"डायरेक्ट फ्लाइट से 3 बड़े फायदे होंगे - पहला, बिजनेस ट्रैवल का समय 8-9 घंटे से घटकर 5.5 घंटे रह जाएगा और लागत 40% तक कम होगी। दूसरा, सैंपल और अर्जेंट पार्ट्स की एयर कार्गो लॉजिस्टिक्स तेज होगी। व्यापारी सुबह जाकर शाम को फैक्ट्री विजिट कर सकेगा। तीसरा, सप्लाई चेन का भरोसा लौटेगा। यह BRICS समिट से ठीक पहले भारत-चीन बिजनेस नॉर्मलाइजेशन का सबसे बड़ा संकेत है।"_
_"अभी तक एक व्यापारी को ग्वांगझू जाने के लिए 65-75 हजार किराया और 18-20 घंटे लगते थे। डायरेक्ट फ्लाइट से यही 35-45 हजार में 5:30 घंटे में होगा। इससे MSME ट्रेडर्स ज्यादा बार चीन जाकर क्वालिटी चेक और प्राइस नेगोसिएशन कर पाएंगे। कार्गो कॉस्ट भी घटेगी।"