Delhi Police vs Pigeons: जानिए कैसे... अपराधी ही नहीं, कबूतर भी बने दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द!
Delhi Police vs Pigeons: देश की राजधानी की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली दिल्ली पुलिस (Delhi Police) इन दिनों अपराधियों और गैंगस्टरों से ही नहीं, बल्कि कबूतरों से भी एक बेहद अलग और अनोखी चुनौतियों से जूझ रही है। राजधानी के सबसे पॉश और हाई-सिक्योरिटी वाले लुटियंस दिल्ली (Lutyens' Delhi) क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, यहाँ बड़ी संख्या में कबूतर सुरक्षा के लिए लगाए गए CCTV कैमरों पर बैठ जाते हैं और उनकी बीट (मल) कैमरों के पारदर्शी लेंस पर जम जाती है। इसके चलते कैमरों की फुटेज पूरी तरह धुंधली हो जाती है और पुलिस की तीसरी आंख यानी निगरानी व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।
इस अनोखी लेकिन गंभीर समस्या से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने अब लुटियंस जोन के बेहद संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरों के आसपास 'एंटी-बर्ड स्पाइक्स' (Anti-Bird Spikes) लगाना शुरू कर दिया है। इन नुकीले स्पाइक्स की मदद से कबूतर और अन्य पक्षी कैमरों के ऊपर बैठ नहीं पाएंगे, जिससे कैमरे का लेंस पूरी तरह साफ रहेगा और कंट्रोल रूम को लगातार स्पष्ट फुटेज मिलती रहेगी।
राष्ट्रपति भवन से लेकर संसद तक... इन वीवीआईपी इलाकों में शुरू हुआ अभियान
मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल क्षेत्रों जैसे राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, विभिन्न मंत्रालयों और विदेशी दूतावासों के आसपास लगे कैमरे सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।
सुरक्षा में अहम भूमिका: ये कैमरे वीआईपी (VIP) मूवमेंट की निगरानी, ट्रैफिक मॉनिटरिंग, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राजधानी में होने वाले अपराधों की जांच में रीढ़ की हड्डी का काम करते हैं।
संदिग्धों की पहचान: कई बड़े मामलों में साफ CCTV फुटेज ही किसी संदिग्ध की पहचान करने, पूरी वारदात की कड़ियों को जोड़ने या किसी वाहन को ट्रैक करने का सबसे बड़ा सबूत बनती है।
अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि लेंस पर जमी गंदगी के कारण होने वाली एक छोटी-सी रुकावट भी कैमरे की इमेज क्वालिटी को इतना खराब कर देती है कि जांच प्रभावित हो सकती है। खासकर जिन अत्याधुनिक कैमरों का उपयोग फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) यानी चेहरा पहचानने वाली तकनीक के विश्लेषण के लिए किया जाता है, उनके लिए शीशे जैसी साफ तस्वीरें मिलना बेहद जरूरी है।
दिल्ली मौसम और मानसून ने बढ़ाई पुलिस की सिरदर्दी
मौजूदा दिल्ली मौसम (Delhi Weather) और मानसून के इस सीजन में यह समस्या और भी ज्यादा विकराल रूप धारण कर लेती है। लगातार होने वाली बारिश का पानी कबूतरों की बीट को कैमरे के सुरक्षा कवच (ग्लास कवर) पर पूरी तरह फैला देता है, जिससे कैमरे के सामने का दृश्य पूरी तरह धुंधला और ब्लैकआउट जैसा हो जाता है। यही बड़ी वजह है कि दिल्ली पुलिस ने अब इसे केवल एक साधारण मेंटेनेंस का काम न मानकर, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा माना है और पूरी दिल्ली के वीवीआईपी कैमरों पर एंटी-बर्ड स्पाइक्स लगाने का यह महा-अभियान छेड़ दिया है।