Delhi News: नेहरू प्लेस में अचानक क्यों गूंजे सायरन? बम धमाके की खबर से मची हलचल, जानें पूरा सच
Delhi News: 7 अगस्त 2026 की सुबह नेहरू प्लेस मार्केट (Nehru Place Market) में अचानक सायरन गूंजने लगे और सुरक्षाबलों की भारी मौजूदगी देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। कुछ ही देर में इलाके में हलचल मच गई, मानो कोई बड़ी घटना हो गई हो। लेकिन असल वजह थी — दक्षिण-पूर्वी दिल्ली (South East Delhi) पुलिस और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड, NSG (National Security Guard) द्वारा आयोजित एक पूर्व-नियोजित मॉक ड्रिल, जो सुबह 10:00 बजे से 11:20 बजे तक चली। यह पूरी तरह नियंत्रित अभ्यास था, कोई असली घटना नहीं हुई थी।

कैसे बनाया गया धमाके जैसा माहौल
NSG ने नेहरू प्लेस मार्केट के दो अलग-अलग स्थानों पर नकली बम धमाके की स्थिति तैयार की। बीट अफसर द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को नकली कॉल दी गई, जिसके तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और सभी संबंधित एजेंसियों ने अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) सक्रिय करते हुए बिना देरी मौके पर पहुंचकर इलाके को घेर लिया और बचाव अभियान शुरू किया — यही सायरन और हलचल की असली वजह थी।
किन एजेंसियों ने लिया हिस्सा
इस अभ्यास में कुल 10 एजेंसियां शामिल रहीं:
- नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG)
- बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad/BDS)
- बम डिटेक्शन टीम (BDT)
- डॉग स्क्वॉड
- दिल्ली पुलिस PCR और टाइगर PCR
- ट्रैफिक पुलिस
- दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA)
- दिल्ली फायर सर्विस
- सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS)
अभ्यास की निगरानी अतिरिक्त डीसीपी/साउथ ईस्ट, ACP/कालकाजी, SHO/कालकाजी, ATO/कालकाजी और थाना कालकाजी (PS Kalkaji) के पूरे स्टाफ ने की।

20 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया नकली घायल
अभ्यास के तहत एक नकली घायल व्यक्ति को घटनास्थल से निकालकर PCR वाहन के ज़रिए महज़ 20 मिनट के भीतर AIIMS अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की तत्परता और दक्षता का प्रदर्शन हुआ।

अभ्यास का नतीजा
सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और प्रभावी संवाद देखने को मिला। बिना किसी अप्रिय घटना के अभ्यास के सभी परिचालन लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए गए। इस पूरे अभ्यास से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट, जिसमें अवलोकन, प्रतिक्रिया समय, खामियां और सुधार के सुझाव शामिल होंगे, संबंधित शाखा को अलग से सौंपी जाएगी।