महिला सशक्तिकरण की दिशा में दिल्ली सरकार बहुत बड़ा कदम उठाने वाली है। दिल्ली सरकार महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को रोज़गार से जोड़ने और परिवहन क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए जल्द ही 'दुर्गा' योजना (Durga Yojna) शुरू करने जा रही है। इस योजना का पूरा नाम 'ड्राइविंग अपलिफ्टमेंट एंड रोज़गार फॉर वुमेन, ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो' (Driving Upliftment and Rozgar for women, transGender green e-Auto) है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली की बेटियों और बहनों को अब तक 18 लाख से ज़्यादा पिंक कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिसमें ट्रांसजेंडर समुदाय के नागरिक भी शामिल हैं।
कितने और किसे मिलेंगे परमिट
इस योजना के तहत दिल्ली में कुल 1,100 इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा परमिट जारी किए जाएंगे:
- 1,000 परमिट महिलाओं के लिए आरक्षित
- 100 परमिट ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आरक्षित
योजना के तहत चलने वाले सभी ई-ऑटो गुलाबी रंग के होंगे, और महिला व ट्रांसजेंडर चालक विशेष पहचान पत्र, जैकेट और कैप के साथ सेवाएं देंगी।
कौन कर सकता है आवेदन
महिलाओं के लिए संभावित पात्रता शर्तें:
- आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पहले से कोई ऑटो-रिक्शा पंजीकृत नहीं होना चाहिए
- वित्तीय वर्ष 2024-25 में परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए
ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए:
- आवेदक के पास जिला मजिस्ट्रेट (DM) द्वारा जारी ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण-पत्र होना ज़रूरी है
ई-ऑटो को लेकर एक ज़रूरी शर्त
योजना में यह प्रावधान भी रखा गया है कि लाभार्थी को आवंटित ई-ऑटो को 3 साल तक किसी और को नहीं बेचा जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे योजना का फायदा असल पात्र लोगों तक पहुंचेगा और वाहन का व्यावसायिक इस्तेमाल सुनिश्चित होगा।
योजना का मकसद क्या है
सरकार के मुताबिक यह पहल महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक नई और सम्मानजनक पहचान दिलाएगी।