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DUSU Polls 2026: जंतर-मंतर के Gen Z आंदोलन से बदला दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र राजनीति का मिजाज, जानें ABVP, NSUI और AISA का स्टैंड

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 में जंतर-मंतर पर हुए हालिया Gen Z आंदोलन का असर दिखने लगा है। प्रमुख छात्र संगठनों के नए समीकरणों पर पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।
DUSU Polls 2026: जंतर-मंतर के Gen Z आंदोलन से बदला दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र राजनीति का मिजाज, जानें ABVP, NSUI और AISA का स्टैंड

Delhi University Student Union Election: दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ (DUSU) चुनावों की सुगबुगाहट के बीच कैंपस का सियासी माहौल पूरी तरह बदला नजर आ रहा है। हाल ही में नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जंतर-मंतर पर हुए युवाओं और Gen Z के बड़े आंदोलन की छाप इस बार DUSU चुनाव के प्रचार पर साफ दिखाई दे रही है। 

मुख्य राजनीतिक दलों (ABVP और NSUI) ने जहां जंतर-मंतर के सीधे मंच से दूरी बनाए रखी थी, वहीं वामपंथी और नए छात्र संगठन इस जमीनी आक्रोश को वोटों में बदलने की रणनीति बना रहे हैं।

 

मुद्दों पर बात: FOMO छोड़ सीधे असली मुद्दों पर Gen Z!

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की दिल्ली सेक्रेटरी अंजलि के मुताबिक, जंतर-मंतर पर दिखा छात्रों का गुस्सा यह साबित करता है कि युवा अब पारंपरिक नारों से आगे निकल चुके हैं। छात्र अब सीधे फीस बढ़ोतरी, सेंट्रलाइज्ड हॉस्टल सिस्टम और अपनी बुनियादी समस्याओं पर खुलकर बात कर रहे हैं। AISA का मानना है कि चुनाव में पैसे उड़ाने और हिंसा करने वाले संगठनों के खिलाफ इस बार कैंपस में मजबूत एंटी-इंकंबेंसी का माहौल है।

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Gen Z के असर पर प्रमुख छात्र संगठनों का रुख

ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद):

    • दावा/स्टैंड: एबीवीपी दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा का कहना है कि Gen Z छात्र 2017 से ही उनके साथ खड़े हैं।
    • कार्रवाई: नीट पेपर लीक के बाद सबसे पहला प्रदर्शन एबीवीपी ने किया था। संगठन का दावा है कि उनके संघर्ष के कारण ही PG सीटों में बढ़ोतरी और सेंट्रलाइज्ड हॉस्टल सिस्टम जैसे बदलाव संभव हुए।

 NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया):

    • दावा/स्टैंड: एनएसयूआई मीडिया इनचार्ज रवि पांडे के अनुसार, पेपर लीक और रोजगार के मुद्दों पर उनकी टीम शुरू से ही सड़कों पर एक्टिव रही है।
    • कार्रवाई: एनएसयूआई ने कई जिला और राज्य स्तरीय प्रदर्शनों के जरिए छात्रों के हक की आवाज उठाई है।

      AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन):
    • दावा/स्टैंड: वामपंथी संगठन AISA को Gen Z के इस आंदोलन से अपनी चुनावी संभावनाओं में बड़ा उछाल दिख रहा है।
    • कार्रवाई: 10 दिनों से लगातार कॉलेजों में संपर्क साधकर छात्रों के 'FOMO' (फियर ऑफ मिसिंग आउट) को असल छात्र मुद्दों से जोड़ने का अभियान चला रहे हैं।

 

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  • ASAP (असोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स):
    • दावा/स्टैंड: आम आदमी पार्टी (AAP) की छात्र विंग जो पहले CYSS नाम से चुनाव लड़ती थी, इस साल 'ASAP' के नए नाम से मैदान में उतर रही है।
    • कार्रवाई: को-इनचार्ज ईशाना गुप्ता के अनुसार, उनकी टीम डीयू के 52 कॉलेजों में एक्टिव है और जंतर-मंतर आंदोलन से युवाओं में आए राजनीतिक बदलाव को विकल्प देने के लिए काम कर रही है।

 

क्या सड़कों का प्रदर्शन वोटों में बदलेगा?

जंतर-मंतर आंदोलन ने यह तो साफ कर दिया है कि नई पीढ़ी (Gen Z) अपनी बात रखने के लिए पारंपरिक ढर्रे पर निर्भर नहीं है। लेकिन DUSU चुनाव का इतिहास गवाह है कि बड़े जनांदोलनों का रुख हमेशा वोटिंग बूथ तक उसी रूप में नहीं पहुँचता। एबीवीपी का मजबूत संगठनात्मक ढांचा और एनएसयूआई की सीधी पहुंच के मुकाबले AISA और ASAP जैसे संगठनों के लिए चुनौती यह होगी कि वे इस सोशल मीडिया और जमीनी गुस्से को वोटों के गणित में कैसे तब्दील कर पाते हैं।

 

FAQ: DUSU चुनाव और Gen Z आंदोलन से जुड़े मुख्य सवाल

 

Q1. जंतर-मंतर पर हुआ Gen Z आंदोलन किस मुद्दे से संबंधित था?

उत्तर: यह आंदोलन मुख्य रूप से नीट (NEET) पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और युवाओं के रोजगार तथा शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर हुआ था।

 

Q2. इस बार AAP की छात्र विंग किस नए नाम से DUSU चुनाव लड़ रही है?

उत्तर: आम आदमी पार्टी (AAP) की छात्र विंग CYSS का नाम बदलकर इस बार 'ASAP' (असोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स) के नाम से चुनाव मैदान में उतर रही है।

 

DUSU चुनाव और वोटिंग से जुड़ी आधिकारिक और अद्यतन जानकारी के लिए छात्र Delhi University official website के आधिकारिक पोर्टल का अवलोकन कर सकते हैं।

Sanjeev Kumar Mishra

Sanjeev Kumar Mishra

संजीव कुमार मिश्र 15 साल से श्रमजीवी पत्रकार हैं। 2009 में जर्नलिज्म में मास्टर करने के बाद राजधानी दिल्ली के प्रतिष्टित अखबारों, न्यूज चैनलों में काम किया। संजीव कुमार मिश्र के पत्रकारिता के करियर में जनसंदेश न्यूज चैनल, हरिभूमि अखबार, महामेधा अखबार, हमारा महानगर, डीएलए, दीयंगिस्तान और दैनिक जागरण महत्वपूर्ण पड़ाव है। दैनिक जागरण में साढ़े नौ साल की लंबी पारी खेली। दैनिक जागरण के राज्य ब्यूरो की सिटी टीम में कार्य करते हुए बाल आयोग, महिला आयोग से ना केवल संवेदनशील खबरें लिखीं बल्कि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, स्थानी बाजारों पर भी मजबूत पकड़ बनाई। अन्ना आंदोलन, वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड के दौरान संजीव कुमार मिश्र की कई खबरें चर्चा के केंद्रबिंदू में रहीं। इस समय Delhi Desk में सीनियर कंटेट एडिटर के रूप में कार्यरत।

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