दिल्ली के छात्रों और पैरेंट्स के लिए जरूरी खबर... ध्यान दें कि अब दिल्ली के स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए कई बड़े बदलाव लागू किए गए हैं। शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education/DoE) के हालिया जारी सर्कुलर की मानें तो अब वोकेशनल एजुकेशन (कौशल विकास) को मेन सब्जेक्ट बना दिया गया है और यही नहीं तीसरी भाषा पढ़ना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यहां हर ज़रूरी सवाल का सीधा जवाब है।
अब पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?
नए नियमों के मुताबिक हर छात्र को छह मुख्य विषयों — भाषा-1, भाषा-2, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और वोकेशनल एजुकेशन — में से हर एक में इंटरनल असेसमेंट/प्रैक्टिकल और एक्सटर्नल असेसमेंट में अलग-अलग कम से कम 33% लाने ज़रूरी होंगे। इसके अलावा प्रमोशन के लिए वार्षिक परीक्षा में कम से कम 25% अंक लाना अनिवार्य है।
वोकेशनल एजुकेशन में क्या बदला?
दिल्ली सरकार 2014-15 से ही कक्षा 9-12 के लिए राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (National Skills Qualifications Framework/NSQF) के तहत वोकेशनल प्रोग्राम चला रही है, जिनमें IT-ITeS, रिटेल, हेल्थकेयर, टूरिज़्म एंड हॉस्पिटैलिटी जैसे विषय शामिल रहे हैं। नए सर्कुलर के तहत अब यह वोकेशनल एजुकेशन कक्षा 9 के छह मुख्य विषयों में से एक बन गया है — यानी पहले जो वैकल्पिक या अतिरिक्त था, अब वह मुख्य विषय की तरह प्रमोशन के लिए ज़रूरी होगा।
क्या गणित-विज्ञान की परीक्षा प्रणाली भी बदली?
हां। कक्षा 9 के लिए मौजूदा मैथ्स बेसिक और मैथ्स स्टैंडर्ड वाली अलग-अलग परीक्षा व्यवस्था खत्म कर दी गई है। हालांकि, यह पुरानी व्यवस्था कक्षा 10 के छात्रों के लिए 2026-27 में जारी रहेगी।
तीसरी भाषा को लेकर क्या नियम है?
कक्षा 9 के छात्रों को R1, R2, R3 — तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। छात्र वही तीन भाषाएं जारी रखेंगे जो उन्होंने कक्षा 8 में पढ़ी थीं। महत्वपूर्ण: यह नियम सिर्फ कक्षा 9 के छात्रों पर लागू है — 2026-27 में कक्षा 10 में पढ़ रहे छात्रों के लिए पुरानी दो-भाषा व्यवस्था ही जारी रहेगी।
AI और नई तकनीक को लेकर क्या बदलेगा?
कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (CT & AI) को 2026-27 में सभी स्कूलों में एक structured मॉड्यूल के तौर पर शुरू किया जाएगा, और 2027-28 से यह एक अनिवार्य विषय बन जाएगा। इसके अलावा 'इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी', आर्ट एजुकेशन और फिजिकल एजुकेशन एंड वेलबीइंग को भी स्कूल-स्तरीय मूल्यांकन के साथ अनिवार्य कर दिया गया है।
बोर्ड परीक्षा पर क्या असर होगा?
तीसरी भाषा का स्कूल-स्तरीय अध्ययन ज़रूरी है, लेकिन बोर्ड परीक्षा में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। कक्षा 10 के छात्रों के लिए फिलहाल तीसरी भाषा की कोई ज़रूरत नहीं है।