दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (Delhi University Students' Union/DUSU) चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। DU के उत्तरी और दक्षिणी परिसरों में 500 से ज़्यादा CCTV कैमरों से मुख्य मार्गों पर निगरानी रखी जा रही है। यह जानकारी 19 अगस्त 2026 को DU के प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह (Prof. Manoj Kumar Singh) ने एक पत्रकार वार्ता में दी, जिसमें दिल्ली पुलिस के ACP राजेंद्र प्रसाद (Rajendra Prasad) भी मौजूद रहे।
लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का सख्ती से पालन
प्रो. मनोज कुमार ने बताया कि चुनाव के दौरान लिंगदोह कमेटी (Lyngdoh Committee) की सिफारिशों का पूरी कड़ाई से पालन किया जाएगा। पुलिस के सहयोग से विश्वविद्यालय के सभी मार्गों पर गाड़ियों पर सख्त नज़र रखी जा रही है और एक महीने की मेहनत के बाद कैंपस में गाड़ियों के जमावड़े पर लगाम लग चुकी है। उन्होंने बताया कि अब तक कहीं भी दीवार-विरूपण (डिफेसमेंट) की कोई सूचना नहीं मिली है। नियमों का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार का नामांकन और यहां तक कि चुनाव भी रद्द किया जा सकता है।
पोस्टर और प्रचार को लेकर सख्त नियम
- चुनाव प्रचार के लिए छपे हुए (प्रिंटेड) पर्चे या पोस्टर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं
- हाथ से लिखे पोस्टर सिर्फ 'वॉल ऑफ डेमोक्रेसी' पर ही लगाए जा सकते हैं
- सभी 54 कॉलेजों के प्रिंसिपल से कहा गया है कि वे हर कॉलेज में 10×10 फुट की दो वॉल ऑफ डेमोक्रेसी बनाएं — एक डूसू चुनाव के लिए, एक कॉलेज कमेटी चुनाव के लिए
- चुनाव प्रचार के लिए 5 से ज़्यादा छात्र किसी उम्मीदवार के साथ नहीं जा सकते
- लड़कियों के कॉलेज में सिर्फ लड़कियां ही प्रचार करने जा सकेंगी
- उम्मीदवार की गाड़ी में शराब या मादक पदार्थ मिलने पर नामांकन तुरंत रद्द होगा
छात्राओं की सुरक्षा और निगरानी तंत्र
प्रॉक्टर के मुताबिक चुनाव के दौरान और बाद में भी छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। DU के उत्तरी और दक्षिणी परिसरों के नज़दीकी PG इलाकों में भी असामाजिक तत्वों पर नज़र रखी जाएगी, जिसके लिए NCC और NSS कैडेट्स को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।
पुलिस की तरफ से क्या कहा गया
ACP राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सभी संभावित उम्मीदवारों से कम से कम वाहन इस्तेमाल करने को कहा गया है। काली फिल्म वाले शीशों से लेकर गलत पार्किंग तक, हर चीज़ पर पुलिस की पैनी नज़र है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर भी निगरानी जारी है और दिल्ली पुलिस का साइबर क्राइम सेल इस पर नज़र रखे हुए है। ज़रूरत के मुताबिक पुलिस वर्दी में और बिना वर्दी के, दोनों तरीकों से तैनात रहेगी।