Rohini Jail: रोहिणी जेल में महा-उगाही रैकेट का भंडाफोड़! बड़े गैंगस्टर से जुड़े तार, जेल अधिकारी और वकील समेत 5 गिरफ्तार
देश की राजधानी की अति-सुरक्षित मानी जाने वाली जेलों के भीतर से रंगदारी और रिश्वतखोरी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (Anti-Corruption Branch - ACB) ने रोहिणी जेल (Rohini Jail) में कैदियों और उनके परिजनों से पैसे वसूलने वाले एक बड़े और संगठित रैकेट (Extortion Racket) का भंडाफोड़ किया है। एसीबी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल के एक सहायक अधीक्षक, दो जेल वार्डर, एक वकील और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। इससे पहले फरवरी के दूसरे सप्ताह में भी छह आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी थी, जिसके बाद कड़ियां जोड़ते हुए इस सिंडिकेट पर शिकंजा कसा गया है।
सुरक्षा और सुविधाओं के नाम पर उगाही, परिजनों को मिलती थी धमकी
जांच के अनुसार, इस पूरे भ्रष्टाचार खेल की शुरुआत फरवरी में मिली एक शिकायत के बाद हुई। शिकायत में पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया था कि रोहिणी जेल में बंद उनके एक कैदी रिश्तेदार की सुरक्षा और जेल के भीतर वीआईपी सुविधाएं (Special Amenities) दिलाने के नाम पर मोटी रकम मांगी जा रही थी। परिजनों ने यह भी खुलासा किया कि पैसे न देने पर कैदी को जान से मारने और प्रताड़ित करने की धमकियां (Threats) दी जा रही थीं।
डिजिटल सबूतों से खुला राज, बैंक खातों में मंगाते थे पैसे
एसीबी की टेक्निकल टीम ने जब मामले की गहराई से जांच की, तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए।
वित्तीय लेनदेन
:आरोपियों का यह रैकेट बेहद सुनियोजित तरीके से चल रहा था। वसूली की रकम (Extortion Money) को सीधे कैश में लेने की बजाय अलग-अलग बैंक खातों (Bank Accounts) में ऑनलाइन ट्रांसफर कराया जाता था।
साक्ष्यों की जांच:
एसीबी ने कई संदिग्ध बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों (Digital Evidence) और मोबाइल डेटा की गहनता से पड़ताल की, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हाथ लगे। बाद में इस काली कमाई को आपस में बांट लिया जाता था।
जेल के भीतर का स्टाफ और बाहरी कड़ियां गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपियों में जेल के सुरक्षाकर्मी और कानून व्यवस्था से जुड़े लोग ही शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में शामिल हैं:
1. जेल सहायक अधीक्षक (Assistant Superintendent)
2. एक हेड वार्डर (Head Warder) और एक वार्डर (Warder)
3. उत्तर प्रदेश के बागपत का एक वकील (Advocate)
4. एक अन्य सहयोगी व्यक्ति
आरोप है कि ये लोग कैदियों को डरा-धमकाकर या उन्हें जबरन किसी दूसरी खतरनाक जेल में ट्रांसफर (Jail Transfer) कराने का भय दिखाकर उनके परिवारों से लाखों रुपये ऐंठ रहे थे।
यूपी के बड़े गैंगस्टर योगेश भाटी से जुड़ा कनेक्शन
इस पूरे रैकेट की जांच में एक बेहद खतरनाक मोड़ तब आया, जब गिरफ्तार किए गए वकील का कनेक्शन उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कुख्यात गैंगस्टर (Gangster) योगेश भाटी से मिला। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, योगेश भाटी पहले रोहिणी जेल में ही बंद था और वहीं से उसने अपने रिश्तेदारों और जेल स्टाफ की मदद से कैदियों से उगाही का नेटवर्क सेट किया था। हालांकि, बाद में उसे मंडोली जेल (Mandoli Jail) शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन उसका यह सिंडिकेट रोहिणी जेल में लगातार काम कर रहा था।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जेलों में बड़े अपराधियों द्वारा मोबाइल नंबरों और संदिग्ध बैंक खातों के इस्तेमाल की आशंका है। पूरी मनी ट्रेल (Money Trail) और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी की संभावना है।