BREAKING :
उजड़ने के 800 साल बाद कैसे दोबारा बसी दिल्ली? युधिष्ठिर की 30 पीढ़ियों से लेकर अनंगपाल तोमर तक का इतिहास! दिल्ली के वो 8 पौराणिक स्थान, जिनका संबंध है पांडवों से: हनुमान मंदिर से लेकर पुराना किला तक का जानिए इतिहास! महाभारत काल का दिल्ली इतिहास: इंद्रदेव के यज्ञ से बने निगमबोध घाट, राजघाट और विद्यापुरी के पौराणिक रहस्य! IIC में मनोज मदान की पुस्तक ‘डिप्टी: सेकंड टू नन’ का विमोचन: कॉरपोरेट जगत में पर्दे के पीछे काम करने वाले लीडर्स पर केंद्रित है किताब लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला का भव्य भूमि पूजन: 100 चैनलों पर होगा लाइव टेलीकास्ट; बॉलीवुड के 40 सितारे निभाएंगे भूमिका 2000 रुपये से ऊपर UPI पेमेंट पर शुल्क की तैयारी: भड़के पेट्रोल पंप मालिक, CTI ने दी आंदोलन की चेतावनी 'छात्रों को किफायती हॉस्टल चाहिए, खोखले वादे नहीं': DUSU चुनाव से पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी में IYC का बड़ा प्रदर्शन DUTA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा कांग्रेस में शामिल: शिक्षाविदों के साथ AAD का विलय, सरकार पर साधा निशाना शाहदरा के राजमाता मंदिर ने बढ़ाया मदद का हाथ: मिस्र में देश का नाम रोशन करेगा युवा जिम्नास्ट आरोह शर्मा 6 साल बाद ग्वांगझू-दिल्ली डायरेक्ट फ्लाइट का ऐलान: भारतीय व्यापारियों के लिए 'गेम-चेंजर'; CTI ने बताया क्यों घटेगा 40% खर्च

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में Arvind Kejriwal की एंट्री, 26 जून को अयोध्या जाएंगे

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अयोध्या अब केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का भी महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुका है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल का यह दौरा भाजपा के पारंपरिक नैरेटिव को चुनौती देने और व्यापक मतदाता वर्ग तक अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में Arvind Kejriwal की एंट्री, 26 जून को अयोध्या जाएंगे

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में Arvind Kejriwal की एंट्री, 26 जून को अयोध्या जाएंगे


दिल्ली के सियासी गलियारे में मची हलचल, क्या बदल रही है AAP की राजनीतिक रणनीति?

दिल्ली डेस्क, 22 जून 2026

राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal (अरविंद केजरीवाल) ने 26 जून को अयोध्या जाने का ऐलान कर दिया है। उनका यह दौरा ऐसे समय में सामने आया है, जब राम मंदिर को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज है।

जानकारी के अनुसार, अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे। साथ ही संतों से मुलाकात भी कर सकते हैं। हालांकि, उनके दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश भी हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में आम आदमी पार्टी ने खुद को केवल विकास और शिक्षा-स्वास्थ्य तक सीमित रखने के बजाय सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों पर भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है। दिल्ली में सुंदरकांड पाठ, तीर्थ यात्रा योजना और मंदिरों से जुड़े कार्यक्रमों में पार्टी की भागीदारी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जाती रही है।

Must Read DUTA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा कांग्रेस में शामिल: शिक्षाविदों के साथ AAD का विलय, सरकार पर साधा निशाना DUTA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा कांग्रेस में शामिल: शिक्षाविदों के साथ AAD का विलय, सरकार पर साधा निशाना

अब राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच केजरीवाल का अयोध्या दौरा भाजपा और AAP के बीच नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है। भाजपा लंबे समय से हिंदुत्व और राम मंदिर को अपनी प्रमुख राजनीतिक पहचान के रूप में पेश करती रही है। ऐसे में विपक्ष के प्रमुख नेताओं का अयोध्या पहुंचना राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाला कदम माना जा रहा है।

हालांकि, राजनीतिक जानकार यह भी मानते हैं कि इस दौरे का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि केजरीवाल वहां क्या संदेश देते हैं और क्या वह केवल दर्शन तक सीमित रहते हैं या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी कोई स्पष्ट बयान देते हैं।

आने वाले दिनों में यह दौरा राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है, क्योंकि धार्मिक आस्था और राजनीतिक रणनीति के बीच संतुलन साधना सभी दलों के लिए चुनौती बना हुआ है।

Delhi Desk

Delhi Desk

दिल्ली डेस्क (DelhiDesk.in) एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जो दिल्ली, राष्ट्रीय, राजनीति, अपराध, शिक्षा, रोजगार, तकनीक और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों का सटीक विश्लेषण और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य पाठकों तक तेज़, भरोसेमंद और तथ्यात्मक समाचार पहुँचाना है।

Home Shorts
Live Blog

Categories