राम मंदिर चढ़ावा विवाद में Arvind Kejriwal की एंट्री, 26 जून को अयोध्या जाएंगे
दिल्ली के सियासी गलियारे में मची हलचल, क्या बदल रही है AAP की राजनीतिक रणनीति?
दिल्ली डेस्क, 22 जून 2026
राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal (अरविंद केजरीवाल) ने 26 जून को अयोध्या जाने का ऐलान कर दिया है। उनका यह दौरा ऐसे समय में सामने आया है, जब राम मंदिर को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज है।
जानकारी के अनुसार, अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे। साथ ही संतों से मुलाकात भी कर सकते हैं। हालांकि, उनके दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश भी हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में आम आदमी पार्टी ने खुद को केवल विकास और शिक्षा-स्वास्थ्य तक सीमित रखने के बजाय सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों पर भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है। दिल्ली में सुंदरकांड पाठ, तीर्थ यात्रा योजना और मंदिरों से जुड़े कार्यक्रमों में पार्टी की भागीदारी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जाती रही है।
अब राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच केजरीवाल का अयोध्या दौरा भाजपा और AAP के बीच नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है। भाजपा लंबे समय से हिंदुत्व और राम मंदिर को अपनी प्रमुख राजनीतिक पहचान के रूप में पेश करती रही है। ऐसे में विपक्ष के प्रमुख नेताओं का अयोध्या पहुंचना राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाला कदम माना जा रहा है।
हालांकि, राजनीतिक जानकार यह भी मानते हैं कि इस दौरे का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि केजरीवाल वहां क्या संदेश देते हैं और क्या वह केवल दर्शन तक सीमित रहते हैं या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी कोई स्पष्ट बयान देते हैं।
आने वाले दिनों में यह दौरा राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है, क्योंकि धार्मिक आस्था और राजनीतिक रणनीति के बीच संतुलन साधना सभी दलों के लिए चुनौती बना हुआ है।