लाल किला संग्रहालय में देखिए भारत का इतिहास, 'Red Fort Museum' में जीवंत होंगी आजादी की यादें
संग्रहालय हब के रूप में विकसित लाल किला
दिल्ली डेस्क, 22 जून 2026
भारत की आन-बान और शान का प्रतीक दिल्ली का लाल किला न केवल एक ऐतिहासिक इमारत है, बल्कि यह देश की आजादी की लड़ाई का सबसे बड़ा गवाह भी है। यमुना नदी के किनारे स्थित इस भव्य धरोहर को अब केंद्र सरकार एक बड़े 'संग्रहालय हब' के रूप में विकसित कर रही है। यदि आप भी भारत के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम को करीब से देखना चाहते हैं, तो दिल्ली का Red Fort Museum आपके लिए सबसे बेहतरीन जगह बनने जा रहा है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की पहल पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) विभाग लाल किले के भीतर चार नए विश्वस्तरीय संग्रहालय खोलने की युद्ध स्तर पर तैयारी कर रहा है ताकि पर्यटकों को एक ही छत के नीचे पूरा इतिहास समझाया जा सके।
दिल्ली के लाल किले में Red Fort Museum की क्या खासियत है?
Red Fort Museum केंद्र सरकार द्वारा लाल किले को संग्रहालय हब बनाने की एक विशेष पहल है। इसके तहत परिसर के भीतर चार नए अत्याधुनिक संग्रहालय खोले जा रहे हैं, जिनमें 1857 की क्रांति के मूल दस्तावेज, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आजाद हिंद फौज के ऐतिहासिक मुकदमे और जलियांवाला बाग से जुड़े दुर्लभ साक्ष्य प्रदर्शित किए जाएंगे।
लाल किले की भव्यता और इसका ऐतिहासिक महत्व
मुगलों की उत्कृष्ट वास्तुकला के इस बेजोड़ नमूने का निर्माण सन 1639 में प्रारंभ किया गया था, जिसे पूरी तरह तैयार होने में 9 वर्ष का लंबा समय लगा। इसकी दीवारों, भव्य द्वारों और आंतरिक संरचनाओं के निर्माण में मुख्य रूप से लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग किया गया है, जिसके कारण इसे 'लाल किला' कहा जाता है। इसकी ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए वर्ष 2007 में यूनेस्को (UNESCO) द्वारा इसे 'विश्व विरासत स्थल' का दर्जा प्रदान किया गया था। यहाँ का लाहौरी गेट, दिल्ली गेट, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास और मुमताज महल इसकी भव्यता को चार चांद लगाते हैं। इसी परिसर को अब Red Fort Museum परियोजना के तहत नया रूप दिया जा रहा है।
Red Fort Museum के तहत खुलने वाले 4 संग्रहालय
लाल किले ने दिल्ली को बनते और बिगड़ते देखा है। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम हो या फिर बहादुर शाह जफर पर चला मुकदमा, इन सभी कहानियों को Red Fort Museum के इन चार हिस्सों में प्रदर्शित किया जाएगा:
1. 1857 की क्रांति और प्रथम स्वाधीनता संग्राम
पहले संग्रहालय में 1857 की क्रांति की पूरी कहानी बयां करते 50 से भी ज्यादा मूल अभिलेखीय दस्तावेज और सामग्रियां प्रदर्शित की जाएंगी। इसमें तत्कालीन दिल्ली का मानचित्र, अंग्रेजों से लोहा लेते समय तैयार की गई रणनीतियों के दस्तावेज, अश्मलेख, दुर्लभ चिट्ठियां और चित्र शामिल होंगे। इसके अलावा बहादुर शाह जफर द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार तथा ब्रिटिश जनरल जे. निकोलसन का फील्ड ग्लास भी मुख्य आकर्षण होगा।
2. नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज (INA)
यह हिस्सा पूरी तरह से नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भारतीय राष्ट्रीय सेना को समर्पित होगा। यहाँ तस्वीरों के जरिए नेताजी की यादों को सहेजा जाएगा, जिनमें वे फौज को संबोधित करते हुए और कैप्टन लक्ष्मी सहगल के साथ 'रानी झांसी रेजिमेंट' का जायजा लेते हुए दिखाई देंगे। उनकी शानदार कुर्सी, तलवार, सिगार पाइप और चश्मा पर्यटकों को उनकी जीवनशैली से परिचित कराएंगे।
3. जलियांवाला बाग नरसंहार के साक्ष्य
तीसरा संग्रहालय पंजाब के अमृतसर में 13 अप्रैल 1919 को हुए नृशंस जलियांवाला बाग नरसंहार की याद दिलाएगा। इस नृशंस घटना से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज, अखबारों में प्रकाशित खबरें और बाग में मौजूद भीड़ की दुर्लभ तस्वीरें इस गैलरी का मुख्य हिस्सा होंगी, जो ब्रिटिश हुकूमत की क्रूरता को बयां करेंगी।
4. भारतीय युद्ध स्मारक और पुरातत्व संग्रहालय
चौथे संग्रहालय में वर्तमान में नौबत खाना और मुमताज महल पैलेस में स्थित कलाकृतियों को स्थानांतरित किया जाएगा। यहाँ सम्राट अकबर और उनके उत्तराधिकारियों के काल की पेंटिंग्स, पांडुलिपियां, शाही फरमान और बहादुर शाह जफर के वस्त्र रखे जाएंगे। साथ ही सन 1526 में लड़ी गई पानीपत की पहली लड़ाई (बाबर और इब्राहिम लोदी) की पूरी चित्रावली भी दिखाई जाएगी।
Red Fort Museum की गैलरीज विवरण
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गैलरी का नाम |
मुख्य विषय (Theme) |
प्रमुख प्रदर्शित वस्तुएं |
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गैलरी 1 |
1857 का स्वतंत्रता संग्राम |
बहादुर शाह जफर के हथियार, निकोलसन का फील्ड ग्लास, 70 प्राचीन पेंटिंग्स। |
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गैलरी 2 |
नेताजी और आजाद हिंद फौज |
नेताजी की कुर्सी, तलवार, चश्मा और आईएनए कमांडरों के मुकदमे का डायरोमा। |
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गैलरी 3 |
जलियांवाला बाग नरसंहार |
1919 नरसंहार से जुड़ी अखबारों की कतरनें, तस्वीरें और विश्व युद्ध के दस्तावेज। |
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गैलरी 4 |
युद्ध स्मारक एवं पुरातत्व |
पानीपत की लड़ाई (1526) की चित्रावली, अकबर कालीन पांडुलिपियां और शाही पोशाकें। |
FAQ: Red Fort Museum
प्रश्न 1: लाल किले के भीतर बन रहे Red Fort Museum का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को लाल किले के भ्रमण के दौरान भारत के स्वतंत्रता संग्राम, महान सेनानियों और देश से जुड़ी विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं से रूबरू कराना है।
प्रश्न 2: मुमताज महल पैलेस का इस संग्रहालय में क्या उपयोग होगा?
उत्तर: मुमताज महल पैलेस की कलाकृतियों को चौथे संग्रहालय में शिफ्ट किया जा रहा है, जिसके बाद मुमताज महल और नौबत खाना को मूल स्वरूप में आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
प्रश्न 3: क्या Red Fort Museum में नेताजी से जुड़ी वास्तविक वस्तुएं देखने को मिलेंगी?
उत्तर: हाँ, इस संग्रहालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा इस्तेमाल की गई मूल कुर्सी, उनकी तलवार, चश्मा और सिगार पाइप जैसी दुर्लभ वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी।