BREAKING :
Delhi crime news: गाजीपुर में 147 कार्टन अवैध शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, छोटा हाथी जब्त Delhi Traffic Advisory Chelum: दिल्ली में चेहल्लुम जुलूस को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, इन रास्तों पर लग सकता है जाम Jamia Millia Islamia News: जामिया के 3,600 से अधिक छात्रों और स्टाफ ने ली नशा मुक्त भारत की शपथ Delhi University PG Admissions: एबीवीपी के प्रदर्शन के बाद फैसला, दिल्ली विश्वविद्यालय ने 1 वर्षीय पीजी कोर्स में सीटें की दोगुनी Arpan Kendra Delhi Metro: पंजाबी बाग मेट्रो स्टेशन पर अर्पण केंद्र की शुरुआत, जानें कैसे दान कर सकते हैं पुराने कपड़े E20 Petrol Protest: E-20 पेट्रोल के खिलाफ PM आवास घेरेंगे अरविंद केजरीवाल, 2 लाख लोगों के दस्तखत वाली पिटीशन सौंपेंगे Mandawali Burglary Case: चोरी के 3 दिन के अंदर पुलिस ने सुलझाया केस, 2 गिरफ्तार, LED टीवी-लैपटॉप बरामद Kejriwal-Kapil Mishra Twitter Clash: रुचिका सिंह मामले पर केजरीवाल के आरोप, मंत्री कपिल मिश्रा का पलटवार Delhi EV Sales Record: दिल्ली में जुलाई में बिके रिकॉर्ड 10,718 इलेक्ट्रिक वाहन, नई EV नीति का दिखने लगा असर Delhi Weather Today: सोमवार को दिल्ली में हल्की बारिश के आसार, IMD ने जताई भारी बारिश की आशंका

अमेरिका से आई एक रिपोर्ट ने हिला दिया गोल्ड मार्केट, सोना-चांदी में भारी गिरावट

शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में सोने की कीमतों में करीब 3% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका में उम्मीद से दोगुने आए मजबूत रोजगार के आंकड़ों (Jobs Data) ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की उम्मीदों को पक्का कर दिया है, जिससे सोने में भारी बिकवाली देखी गई। इस बड़ी गिरावट के बाद सोना अपने दो महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है,
अमेरिका से आई एक रिपोर्ट ने हिला दिया गोल्ड मार्केट, सोना-चांदी में भारी गिरावट

न्यूयॉर्क/मुंबई: वैश्विक कमोडिटी बाजार से इस समय की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने सोने के निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में करीब 3 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। रॉयटर्स द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत आए 'रोजगार के आंकड़ों' (U.S. Jobs Report) ने इन आशंकाओं को पूरी तरह से मजबूत कर दिया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) बढ़ती महंगाई को देखते हुए ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखेगा। इसी के चलते निवेशकों ने सोने में ताबड़तोड़ बिकवाली की, जिससे सोने की कीमतें सीधे धड़ाम हो गईं।

शुक्रवार को अमेरिकी बाजार के कारोबार के दौरान हाजिर सोना (Spot Gold) 2.96 प्रतिशत टूटकर 4,341.52 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह गिरावट इतनी घातक थी कि सोने की कीमतें इस कारोबारी सत्र के दौरान बीते 24 मार्च के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं। अगर पूरे हफ्ते की बात करें तो सर्राफा बाजार में सोने के भाव इस सप्ताह करीब 4.3% तक नीचे आ चुके हैं। इसके साथ ही अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (वायदा बाजार) में भी अगस्त डिलीवरी वाला सोना 3.1% की बड़ी गिरावट के साथ 4,365.3 डॉलर पर बंद हुआ है।

देश के आम नागरिकों और परिवारों पर क्या होगा इसका सीधा असर?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट का सीधा असर भारत की आम जनता, आभूषण खरीदारों और निवेशकों की जेब पर पड़ने जा रहा है, जिसे इन 4 बिंदुओं के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:

1. शादी-ब्याह के खरीदारों को बड़ी राहत: भारत में हाल ही में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के कारण सोने के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए गहने खरीदना बेहद मुश्किल हो गया था। अब वैश्विक बाजार में सोने के टूटने और घरेलू सर्राफा बाजार में मांग सुस्त होने से आने वाले दिनों में शादियों के लिए जेवर बनवाने वाले परिवारों को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी और उनका बजट संभल जाएगा।

Must Read Mandawali Burglary Case: चोरी के 3 दिन के अंदर पुलिस ने सुलझाया केस, 2 गिरफ्तार, LED टीवी-लैपटॉप बरामद Mandawali Burglary Case: चोरी के 3 दिन के अंदर पुलिस ने सुलझाया केस, 2 गिरफ्तार, LED टीवी-लैपटॉप बरामद

2. डिजिटल और फिजिकल गोल्ड निवेशकों को नुकसान: जिन लोगों ने हाल ही में ऊंचे दामों पर या गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के जरिए सोने में बड़ा निवेश किया था, उन्हें अपनी संपत्ति की वैल्यू में शॉर्ट-टर्म गिरावट का सामना करना पड़ेगा। बाजार में मचे इस हाहाकार के कारण छोटे खुदरा निवेशकों का पोर्टफोलियो लाल निशान में आ गया है।

3. चांदी के बर्तनों और आभूषणों की खरीदारी होगी सस्ती: केवल सोना ही नहीं, बल्कि आम भारतीय घरों में त्योहारों और शादियों में इस्तेमाल होने वाली चांदी (Silver) की कीमतों में भी 6.8% का भारी क्रैश आया है। इस बड़ी गिरावट के कारण आम उपभोक्ताओं के लिए चांदी के आभूषण, सिक्के और बर्तन खरीदना काफी किफायती हो जाएगा।

4. लोन और ब्याज दरों पर परोक्ष असर: अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों को कम न करने और दिसंबर में दरें बढ़ाने की 72% संभावना के कारण वैश्विक स्तर पर नकदी की तंगी बनी रह सकती है। इसका असर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति पर भी पड़ेगा, जिससे भारत में भी होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में आम जनता को फिलहाल बड़ी कटौती मिलने की उम्मीद कम हो गई है।

अमेरिका में उम्मीद से दोगुने आए रोजगार के आंकड़े, फेड नहीं घटाएगा ब्याज दरें

अमेरिकी श्रम विभाग के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) द्वारा जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मई के महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उम्मीद से कहीं अधिक 172,000 नई नौकरियां (Nonfarm Payrolls) जुड़ी हैं। इससे पहले अप्रैल के महीने में भी यह आंकड़ा संशोधित होकर 179,000 नौकरियों पर रहा था। गौर करने वाली बात यह है कि रॉयटर्स के पोल में अर्थशास्त्रियों ने मई महीने में केवल 85,000 नई नौकरियां आने का अनुमान जताया था। यानी वास्तविक आंकड़े अनुमान से दोगुने से भी अधिक मजबूत रहे हैं, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाते हैं।

Also Read Rohini Jail: रोहिणी जेल में महा-उगाही रैकेट का भंडाफोड़! बड़े गैंगस्टर से जुड़े तार, जेल अधिकारी और वकील समेत 5 गिरफ्तार Rohini Jail: रोहिणी जेल में महा-उगाही रैकेट का भंडाफोड़! बड़े गैंगस्टर से जुड़े तार, जेल अधिकारी और वकील समेत 5 गिरफ्तार

इस मजबूत आर्थिक डेटा के सामने आने के बाद कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और महंगाई का दबाव बना हुआ है। ऐसे में मजबूत रोजगार डेटा के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पास ब्याज दरें घटाने की कोई वजह नहीं बचती है, जिसके कारण सोने को होल्ड करने की लागत (Cost of Carry) काफी बढ़ गई है। डेटा जारी होते ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (बॉन्ड रिडेम्पशन यील्ड) में भारी उछाल आया, जिसने बिना ब्याज देने वाले सोने की चमक को पूरी तरह फीका कर दिया।

"रोजगार के आंकड़े उम्मीद से काफी ज्यादा मजबूत आए हैं। इस तथ्य को देखते हुए कि ईरान के साथ युद्ध अभी भी जारी है और ऊर्जा की कीमतें बेहद ऊंची हैं, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव बना हुआ है, यह बिल्कुल असंभावित लगता है कि फेडरल रिजर्व किसी भी सूरत में ब्याज दरें घटाने के मूड में है। सोने के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि इसे अपने पास रखने की लागत काफी ऊंची होती जा रही है।"

— बार्ट मेलेक, ग्लोबल हेड ऑफ कमोडिटी स्ट्रेटजी, टीडी सिक्योरिटीज

अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार: मुख्य आंकड़े और बड़ी गिरावट

  • हाजिर सोना (Spot Gold): 2.96% की भारी गिरावट के साथ 4,341.52 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
  • अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स: अगस्त डिलीवरी वाला सोना 3.1% लुढ़ककर 4,365.3 डॉलर पर बंद हुआ।
  • साप्ताहिक गिरावट का रिकॉर्ड: इस पूरे हफ्ते में सोने की कीमतों में करीब 4.3% की कमजोरी दर्ज की गई है।
  • युद्ध का कुल असर: फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका समर्थित ईरान युद्ध के बाद से सोना अब तक 17% से अधिक टूट चुका है।
  • अन्य धातुओं का हाल: चांदी 6.8% टूटकर 68.86 डॉलर, प्लेटिनम 5.9% गिरकर 1,788.49 डॉलर और पैलेडियम 5.9% की गिरावट के साथ 1,242.50 डॉलर पर बंद हुआ।

ईरान युद्ध के बाद से 17% टूट चुका है सोना, सुरक्षित निवेश की चमक पड़ी फीकी

आमतौर पर सोने को महंगाई और युद्ध जैसी अनिश्चितताओं के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश (Inflation Hedge) माना जाता है। लेकिन वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों ने इस पारंपरिक नियम को पूरी तरह बदल दिया है। फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका समर्थित ईरान युद्ध के बाद से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (बेंट क्रूड) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। कच्चे तेल की इस तेजी ने दुनियाभर में महंगाई और उसके बाद ब्याज दरों में बढ़ोतरी के डर को हवा दी है। ऊंचे ब्याज दर के दौर में लोग सोने से पैसा निकालकर बैंकों और सरकारी बॉन्ड्स में लगाना ज्यादा फायदेमंद समझते हैं। यही वजह है कि युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 17% से भी ज्यादा क्रैश हो चुकी हैं।

सीएमई ग्रुप के फेडवॉच टूल (CME FedWatch Tool) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस मजबूत नौकरियों के डेटा के आने के बाद अब बाजार दिसंबर के महीने में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 72% संभावना मानकर चल रहा है, जबकि इस डेटा के आने से पहले यह संभावना महज 50% आंकी जा रही थी। वैश्विक स्तर पर मची इस उथल-पुथल का असर भारत और चीन जैसे बड़े उपभोक्ता देशों में भी साफ दिख रहा है, जहां इस हफ्ते सोने की भौतिक मांग काफी सुस्त (Subdued) बनी रही।

कीमती धातु (Metal Type) शुक्रवार का क्लोजिंग रेट (प्रति औंस) एक दिन की कुल गिरावट (%) बाजार का ताजा साप्ताहिक ट्रेंड
हाजिर सोना (Spot Gold) $4,341.52 ↓ 2.96% साप्ताहिक स्तर पर 4.3% की बड़ी गिरावट; 24 मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर।
हाजिर चांदी (Spot Silver) $68.86 ↓ 6.80% इस हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट; खुदरा और औद्योगिक मांग में नरमी।
प्लेटिनम (Platinum) $1,788.49 ↓ 5.90% अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के दबाव में भारी साप्ताहिक नुकसान की ओर अग्रसर।
पैलेडियम (Palladium) $1,242.50 ↓ 5.90% ऑटोमोबाइल सेक्टर की सुस्ती और ऊंचे ब्याज दरों के कारण लगातार गिरावट।

बाजार के बड़े विश्लेषकों का कहना है कि जब तक मिडल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का दबाव पूरी तरह शांत नहीं हो जाता, तब तक सर्राफा बाजार में अस्थिरता का यह दौर जारी रहेगा। भारतीय सर्राफा बाजारों में भी विदेशी बाजारों की इस मंदी का सीधा असर देखने को मिलेगा, जिससे घरेलू स्तर पर प्रति 10 ग्राम सोने के भाव में आने वाले दिनों में बड़ी कटौती देखने को मिल सकती है। ऐसे में खुदरा खरीदारों के लिए यह खरीदारी का एक बेहतरीन मौका हो सकता है, लेकिन शॉर्ट-टर्म निवेशकों को बाजार में कोई भी बड़ा दांव लगाने से पहले अमेरिकी फेड के अगले आधिकारिक रुख का इंतजार करने की सख्त सलाह दी जाती है।

Delhi Desk

Delhi Desk

दिल्ली डेस्क (DelhiDesk.in) एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जो दिल्ली, राष्ट्रीय, राजनीति, अपराध, शिक्षा, रोजगार, तकनीक और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों का सटीक विश्लेषण और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य पाठकों तक तेज़, भरोसेमंद और तथ्यात्मक समाचार पहुँचाना है।

Home Shorts
Live Blog

Categories