Delhi में 'राइड-शेयरिंग' की आड़ में चल रहा था ₹9 करोड़ का ड्रग्स सिंडिकेट; ऑटो और बाइक टैक्सी से होती थी चरस की होम डिलीवरी
दिल्ली पुलिस ने इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का किया खुलासा, तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को चकमा देने के लिए ड्रग तस्करों द्वारा बेहद शातिर पैंतरा अपनाने का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ (साउथ डिस्ट्रिक्ट) ने एक ऐसे 'हाईटेक डिलीवरी सिंडिकेट' का भंडाफोड़ किया है, जो आम सवारी बनकर बाइक टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के जरिए करोड़ों रुपये के ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने इस इंटरनेशनल नार्कोटिक्स नेटवर्क के 3 नेपाली तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से ₹9 करोड़ कीमत की 8.598 किलोग्राम हाई-क्वालिटी चरस जब्त की है।
इस मामले में कोटला मुबारकपुर थाने में FIR नंबर 129/2026 के तहत NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।
चैट डिलीट और नो-कैश डील'
जांच में सामने आया कि यह सिंडिकेट पूरी तरह से कॉर्पोरेट स्टाइल में काम कर रहा था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके:
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ढाल: तस्कर अपनी गाड़ियों का इस्तेमाल करने के बजाय बाइक टैक्सी (Bike Taxi) और ऑटो-रिक्शा बुक करते थे, ताकि किसी को शक न हो और रूटीन चेकिंग से बचा जा सके।
- WhatsApp-बेस्ड डिस्ट्रीब्यूशन: ड्रग्स के ऑर्डर सिर्फ WhatsApp पर लिए जाते थे।
- वैनिशिंग चैट्स: पकड़े जाने के डर से हर डिलीवरी और ट्रांजैक्शन के तुरंत बाद चैट और कॉल रिकॉर्ड को पूरी तरह डिलीट कर दिया जाता था।
- डिजिटल पेमेंट ट्रेल: इस पूरे नेटवर्क में कैश (नकद) का लेनदेन बिल्कुल नहीं था। पैसे सीधे डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए ट्रांसफर किए जाते थे।
सोनौली बॉर्डर से दिल्ली के 'रिटेल मार्केट' तक का सफर
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ज्योति पुन मगर (50), भरत थापा (32) और गोविंद बुद्ध (32) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं और फिलहाल कोटला मुबारकपुर में रह रहे थे।
मुख्य सप्लायर ज्योति पुन मगर भारत-नेपाल के सोनौली बॉर्डर से चरस की खेप लेकर दिल्ली आता था। इसके बाद भरत और गोविंद बाइक टैक्सी और ऑटो का नेटवर्क इस्तेमाल कर दिल्ली-NCR के रईस और रिटेल ग्राहकों तक इसे डिलीवर करते थे।
आरोपी वार बरामदगी का विवरण:
- ज्योति पुन मगर (मुख्य तस्कर): 5.566 किलोग्राम चरस
- भरत थापा: 1.552 किलोग्राम चरस
- गोविंद बुद्ध: 1.480 किलोग्राम चरस
कैसे दबोचे गए शातिर सप्लायर?
एंटी-नारकोटिक्स ड्राइव के दौरान स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर अनुज कुमार और ACP रितु राज के सुपरविज़न में पुलिस टीम (SI नवीन, SI अमित व अन्य) को इस 'डिजिटल ड्रग्स सिंडिकेट' का इनपुट मिला था। पुलिस ने जाल बिछाकर 29 जून 2026 को कोटला मुबारकपुर के एक ठिकाने पर रेड की और तीनों को रंगे हाथों दबोच लिया।
पुलिस अब इनके फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का एनालिसिस कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दिल्ली में इनके मददगार और ग्राहक कौन-कौन थे।