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विश्व बैंक के सहयोग से दिल्ली सरकार शुरू करेगी स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली, 8300 करोड़ बजट

Delhi Pollution से निपटने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 8300 करोड़ रुपये की 'स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली' परियोजना का ऐलान किया है, जिसे विश्व बैंक के सहयोग से सितंबर 2026 से लागू किया जाएगा।
विश्व बैंक के सहयोग से दिल्ली सरकार शुरू करेगी स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली, 8300 करोड़ बजट

विश्व बैंक के सहयोग से दिल्ली सरकार शुरू करेगी स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली, 8300 करोड़ बजट

स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली योजना को विश्व बैंक ने दी हरी झंडी

राजधानी में सालों से बनी हुई Delhi Pollution की गंभीर चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए दिल्ली सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली सरकार विश्व बैंक (World Bank) और अन्य बहुपक्षीय संस्थाओं के सहयोग से ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ परियोजना शुरू करने जा रही है।

पर्यावरण विभाग की यह महत्वाकांक्षी परियोजना 7 वर्षों के लिए तैयार की गई है, जिसका कुल बजट 8,300 करोड़ रुपये है। इसका सीधा उद्देश्य Delhi Pollution मिटिगेशन प्लान को रफ्तार देना और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के लक्ष्यों को हासिल कर ‘विकसित भारत 2047’ के विजन में अपना योगदान देना है।

 

Delhi Pollution कंट्रोल के इस मेगा प्रोजेक्ट का बजट और समयसीमा क्या है?

Delhi Pollution को नियंत्रित करने वाली यह महा-परियोजना सितंबर 2026 से अगस्त 2033 तक दिल्ली के सभी जिलों में लागू की जाएगी। इसकी कुल अनुमानित लागत 8,300 करोड़ रुपये है। इस बजट में 65 प्रतिशत वित्तीय सहायता विश्व बैंक उपलब्ध कराएगा, जबकि शेष 35 प्रतिशत राशि दिल्ली सरकार खुद वहन करेगी।

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Delhi Pollution को कम करने के लिए परियोजना के 2 मुख्य स्तंभ

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस दीर्घकालिक निवेश और रणनीति को सफल बनाने के लिए परियोजना को दो मुख्य स्तंभों पर आधारित किया गया है जो Delhi Pollution पर सीधा प्रहार करेंगे:

 

1. वायु गुणवत्ता प्रबंधन को मजबूत करना

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  • डेडिकेटेड पीएमयू (PMU): परियोजना के प्रभावी संचालन के लिए एक विशेष प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) का गठन किया जाएगा।
  • हाई-टेक मॉनिटरिंग: आधुनिक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग, डेटा एनालिटिक्स और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) आधारित निगरानी प्रणाली विकसित होगी जो Delhi Pollution के हॉटस्पॉट्स पर नजर रखेगी।
  • राज्यों के साथ समन्वय: इंडो-गंगा के मैदानी राज्यों (Indo-Gangetic Plain States) के साथ मिलकर प्रदूषण नियंत्रण पर सामूहिक काम होगा।

 

2. प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों से उत्सर्जन को कम करना

  • पुराने वाहनों पर एक्शन: अधिक Delhi Pollution फैलाने वाले पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से (Phase-wise) सड़क से हटाया जाएगा।
  • EV और पब्लिक ट्रांसपोर्ट: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा दिया जाएगा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
  • अत्याधुनिक PUC प्रणाली: वाहनों से होने वाले धुएँ की सटीक जांच के लिए अत्याधुनिक पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सिस्टम तैयार होगा।

 

किन सेक्टर्स पर होगा फोकस और कौन-सी एजेंसियां मिलकर करेंगी काम?

यह केवल प्रदूषण रोकने की कागजी योजना नहीं है, बल्कि Delhi Pollution से मुक्ति और दिल्लीवासियों को स्वच्छ हवा और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य देने का एक बड़ा अभियान है। इसके तहत निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर व्यापक काम होगा:

  • परिवहन और सड़क की धूल (Road Dust)
  • निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (C&D) अपशिष्ट प्रबंधन
  • ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) और उद्योग
  • हरित क्षेत्र (Green Cover) को बढ़ाना और जल प्रदूषण नियंत्रण

 

परियोजना में शामिल प्रमुख सरकारी एजेंसियां (Data Table)

 

इस महत्वाकांक्षी योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और Delhi Pollution को रोकने के लिए दिल्ली और केंद्र सरकार के कई विभाग एक साथ काम करेंगे:

विभाग / मुख्य साझीदार

मुख्य भूमिका और जिम्मेदारी

पर्यावरण विभाग और DPCC

वैज्ञानिक योजना, नोडल संचालन और Delhi Pollution मॉनिटरिंग

परिवहन विभाग, DTC, DIMTS

EV को बढ़ावा देना, पुराने वाहन हटाना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार

PWD, MCD, NDMC, DDA, DCB

सड़कों की धूल नियंत्रण, सीएंडडी वेस्ट और ठोस कचरा प्रबंधन

दिल्ली जल बोर्ड (DJB)

जल प्रदूषण की रोकथाम और हरियाली बढ़ाना

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस

वाहनों के प्रदूषण और यातायात नियमों की सख्त निगरानी

DEA (भारत सरकार) और विश्व बैंक

वित्तीय सहायता, नीतिगत मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप

 

10 जुलाई को विशेष कार्यशाला से तैयार होगी रूपरेखा

 

Delhi Pollution के जमीनी क्रियान्वयन को धार देने और सभी विभागों के बीच आपसी तालमेल बिठाने के लिए 10 जुलाई को एक विशेष कार्यशाला (Workshop) आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों की भूमिकाएं तय की जाएंगी ताकि सितंबर 2026 से इस योजना को बिना किसी देरी के पूरी दिल्ली में समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।

 

Delhi Pollution नियंत्रण (World Bank Project) से जुड़े मुख्य सवाल

 

प्रश्न 1: 'स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली' परियोजना की कुल लागत कितनी है और इससे Delhi Pollution में कैसे सुधार होगा?

उत्तर: इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 8,300 करोड़ रुपये है। इसमें 65% फंड विश्व बैंक देगा। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के सभी जिलों में Delhi Pollution के मुख्य कारणों जैसे धूल, वाहन और कचरे के धुएँ पर सीधे काम करेगा।

 

प्रश्न 2: यह परियोजना Delhi Pollution कंट्रोल के लिए कब से कब तक लागू की जाएगी?

उत्तर: यह पर्यावरण विभाग की एक 7 वर्षीय महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो सितंबर 2026 से शुरू होकर अगस्त 2033 तक दिल्ली के सभी जिलों में चलाई जाएगी।

 

प्रश्न 3: इस प्रोजेक्ट के तहत वाहनों से होने वाले Delhi Pollution को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

उत्तर: पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाया जाएगा, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा मिलेगा, और वाहनों की जांच के लिए अत्याधुनिक हाइटेक पीयूसी (PUC) प्रणाली विकसित की जाएगी।

Devendra yadav

Devendra yadav

वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय देवेंद्र यादव एक अनुभवी और प्रखर पत्रकार हैं। उन्होंने 'महामेधा' और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' जैसे अग्रणी मीडिया संस्थानों में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। ज़मीनी पत्रकारिता से लेकर खबरों के गहरे विश्लेषण में माहिर देवेंद्र जी की राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में 'दिल्ली डेस्क' (Delhi Desk) के साथ जुड़कर वे दिल्ली के इतिहास समेत दिल्ली सरकार के कामकाज, राजधानी के सियासी घटनाक्रमों के साथ-साथ यहाँ की कला, संस्कृति और बदलते लाइफस्टाइल पर पैनी नज़र रख रहे हैं और डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी का लोहा मनवा रहे हैं।

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