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Atal Canteen Thali: 5 रुपये में मिलती है इतनी भरपूर थाली, असली कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे

दिल्ली की अटल कैंटीन में सिर्फ 5 रुपये में मिलने वाली थाली की असली लागत 30 रुपये है, जानें थाली में क्या-क्या मिलता है और कब-कब मिलेगा खाना।
Atal Canteen Thali: 5 रुपये में मिलती है इतनी भरपूर थाली, असली कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे

दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने रविवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। सरकार ने अपना चुनावी वायदा पूरा करते हुए बहुत कम समय में पूरी दिल्ली में 100 अटल कैंटीन खोल दिए हैं। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि दिल्ली की अटल कैंटीन (Atal Canteen) में सिर्फ 5 रुपये में मिलने वाली थाली अपने आप में एक बड़ी राहत है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इस थाली की असली लागत 30 रुपये है — यानी हर थाली पर करीब 25 रुपये का खर्च दिल्ली सरकार खुद उठा रही है।

 

थाली में क्या-क्या मिलता है

अटल कैंटीन में हर थाली का मेन्यू और मात्रा तय है:

  • चावल या मिलेट (Millet) — 100 ग्राम
  • रोटी/चपाती — 300 ग्राम
  • सब्ज़ी — 100 ग्राम
  • दाल — 100 ग्राम
  • अचार

इतनी थाली किसी सामान्य रेस्टोरेंट में लेने पर 500 से 2,000 रुपये तक खर्च हो सकते हैं, ऐसे में अटल कैंटीन की 5 रुपये वाली थाली आम आदमी के लिए बड़ी राहत बनकर आई है।

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कब-कब और किसे मिलता है खाना

  • हर कैंटीन में दोपहर और शाम, दोनों समय भोजन उपलब्ध रहता है
  • हर सेशन में करीब 500 लोगों को भोजन दिया जाता है
  • वितरण "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर होता है — यानी सीमित मात्रा में भोजन उपलब्ध रहता है, देर से पहुंचने पर मिलना मुश्किल हो सकता है

 

किन लोगों के लिए है ये योजना

वैसे तो अटल कैंटीन सबके लिए उपलब्ध है लेकिन सरकार ने यह योजना दिल्ली के दिहाड़ी मज़दूरों, रिक्शा चालकों, झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों, प्रवासी श्रमिकों और कम आय वाले लोगों को ध्यान में रखकर बनाई है। यही वजह है कि ज़्यादातर कैंटीन झुग्गी-बस्तियों, अस्पतालों और घनी आबादी वाले औद्योगिक इलाकों के पास स्थापित की गई हैं।

 

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साफ-सफाई और क्वालिटी को लेकर क्या इंतज़ाम हैं

सरकार का दावा है कि भोजन की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कैंटीन व्यवस्था में स्वच्छता और निगरानी के लिए डिजिटल टोकन और सीसीटीवी जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि वितरण प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

 

अब यूनिवर्सिटी छात्रों को भी मिलेगा फायदा

हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University/DU) मेट्रो स्टेशन के पास भी एक अटल कैंटीन खोली गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) के मुताबिक, अब हॉस्टल और PG में रहने वाले ज़रूरतमंद छात्र भी यहां 5 रुपये में पौष्टिक भोजन कर सकेंगे।

Sanjeev Kumar Mishra

Sanjeev Kumar Mishra

संजीव कुमार मिश्र 15 साल से श्रमजीवी पत्रकार हैं। 2009 में जर्नलिज्म में मास्टर करने के बाद राजधानी दिल्ली के प्रतिष्टित अखबारों, न्यूज चैनलों में काम किया। संजीव कुमार मिश्र के पत्रकारिता के करियर में जनसंदेश न्यूज चैनल, हरिभूमि अखबार, महामेधा अखबार, हमारा महानगर, डीएलए, दीयंगिस्तान और दैनिक जागरण महत्वपूर्ण पड़ाव है। दैनिक जागरण में साढ़े नौ साल की लंबी पारी खेली। दैनिक जागरण के राज्य ब्यूरो की सिटी टीम में कार्य करते हुए बाल आयोग, महिला आयोग से ना केवल संवेदनशील खबरें लिखीं बल्कि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, स्थानी बाजारों पर भी मजबूत पकड़ बनाई। अन्ना आंदोलन, वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड के दौरान संजीव कुमार मिश्र की कई खबरें चर्चा के केंद्रबिंदू में रहीं। इस समय Delhi Desk में सीनियर कंटेट एडिटर के रूप में कार्यरत।

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