सीएम रेखा गुप्ता का मेगा प्लान: पुरानी दिल्ली का लौटेगा 350 साल पुराना गौरव, शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन का बदला नाम
पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वास्तुकला की विरासत को संजोने के लिए दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब पुराने शहर की पहचान को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की एक बड़ी मुहिम शुरू की गई है। इस पुनर्विकास परियोजना (Redevelopment Project) को गति देने के लिए सरकार ने 'शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन' (SRDC) का नाम बदलकर अब 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम' (Indraprastha Heritage Redevelopment Corporation - IVPN) कर दिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में इस नवनिर्मित निगम की एक उच्चस्तरीय वार्षिक आम बैठक (Annual General Meeting - AGM) आयोजित की गई। इस बैठक में शहरी विकास मंत्री (Urban Development Minister) आशीष सूद और प्रबंध निदेशक (Managing Director) संदीप कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जहां पुराने शहर के कायाकल्प को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।
चांदनी चौक और टाउन हॉल का होगा कायाकल्प; पर्यटकों के लिए बनेगा कंट्रोल रूम
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, इस पुनर्विकास योजना के तहत ऐतिहासिक चांदनी चौक (Chandni Chowk) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
पारंपरिक डिजाइन: चांदनी चौक बाजार का डिजाइन इस तरह विकसित होगा जो उसके 350 साल पुराने पारंपरिक स्वरूप और सांस्कृतिक गरिमा को दर्शाए।
टाउन हॉल का नया गेट: ऐतिहासिक टाउन हॉल (Town Hall) का एक मुख्य एंट्री और एग्जिट गेट सीधे चांदनी चौक की तरफ खोला जाएगा ताकि यह पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सके।
डेडिकेटेड कंट्रोल रूम: देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों (Tourists) की मदद और मार्गदर्शन के लिए बाजार में एक विशेष कंट्रोल रूम (Control Room) स्थापित किया जाएगा।
नागरिक सुविधाएं: क्षेत्र में लाखों लोगों की आवाजाही को देखते हुए आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक (Toilet Blocks) और व्यवस्थित पार्किंग स्पेस (Parking Space) का निर्माण होगा।
जामा मस्जिद से लेकर यमुना बाजार तक बदलेगी सूरत
मुख्यमंत्री ने केवल चांदनी चौक ही नहीं, बल्कि पुरानी दिल्ली के अन्य प्रमुख क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण (Beautification) का ब्लूप्रिंट (Blueprint) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें शामिल हैं:
- यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर और उसके पीछे के पूरे क्षेत्र का समग्र विकास।
- जामा मस्जिद (Jama Masjid) क्षेत्र का पुनर्विकास।
- पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन (Old Delhi Railway Station) के ठीक सामने स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग का सौंदर्यीकरण।
योजना में शामिल होंगे इतिहासकार और संरक्षण विशेषज्ञ
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि पुरानी दिल्ली का विकास केवल कंक्रीट का ढांचा खड़ा करना नहीं है। इसकी ऐतिहासिक वास्तुकला (Traditional Architecture) को जीवित रखने के लिए इस पूरी परियोजना में नामचीन इतिहासकारों (Historians), विरासत संरक्षण विशेषज्ञों (Heritage Conservation Experts) और आर्किटेक्ट्स की मदद ली जाएगी। इससे स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के व्यापारिक हितों की भी रक्षा हो सकेगी।
7.12 वर्ग किलोमीटर में फैला है ऐतिहासिक धरोहरों का जाल
पुरानी दिल्ली लगभग 7.12 वर्ग किलोमीटर (Square Kilometers) के दायरे में सिमटी हुई है। इस ऐतिहासिक शहर में:
- 01 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) है।
- 10 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक (National Protected Monuments) हैं।
- 10 राज्य संरक्षित स्मारक और 700 से अधिक स्थानीय विरासत स्थल (Local Heritage Sites) मौजूद हैं।
सरकार का मानना है कि इस सुनियोजित विकास (Urban Development) से पुरानी दिल्ली न केवल वैश्विक पटल पर एक बेहतरीन हेरिटेज हब के रूप में उभरेगी, बल्कि यहां के स्थानीय व्यापार और पर्यटन (Tourism & Trade) को भी नई रफ्तार मिलेगी।