Delhi Police Interstate Manhunt: 11 दिन, 8 राज्य और 4000 KM का फिल्मी चेस, दिल्ली पुलिस ने ऐसे सुलझाई ₹1.5 करोड़ की 'इनसाइडर' डकैती
पुलिस ने बाप-बेटे की जोड़ी समेत कई आरोपियों को किया गिरफ्तार
दिल्ली डेस्क, 23 जून 2026
बॉलीवुड की सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म भी इस कहानी के सामने फीकी पड़ जाए.... इसमें लालच है, अपनों का धोखा है, बंदूक की नोक पर हुई सनसनीखेज डकैती है और पुलिस का एक ऐसा पीछा जो देश के आठ राज्यों तक फैल जाता है। दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए उत्तरी दिल्ली के इंद्रलोक (सराय रोहिल्ला) इलाके में हुई 1.5 करोड़ रुपये की सशस्त्र डकैती का पर्दाफाश कर दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस की सराय रोहिल्ला थाना टीम, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ और क्राइम Branch ने मिलकर एक ऐसा ऑपरेशन चलाया, जो अपराधियों के लिए दुःस्वप्न बन गया। पुलिस ने 11 दिनों तक चले इस 'इंटरस्टेट मैनहंट' (Interstate Manhunt) में करीब 4,000 किलोमीटर का सफर तय किया और दो नाबालिगों समेत कुल आठ आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई रकम में से 1 करोड़ 1 लाख 50 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
करन का धोखा: स्क्रिप्टेड 'लाइव लोकेशन' और लूट की वारदात
इस पूरी वारदात की शुरुआत 10 जून 2026 को हुई। शिकायतकर्ता नितिन अपने साथी करन के साथ स्कूटी पर दो बैग में करीब 1.50 करोड़ रुपये का कैश लेकर जा रहा था। जैसे ही ये दोनों जखीरा फ्लाईओवर के पास पहुंचे, बिना नंबर की लाल पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने पिस्तौल की नोक पर इनसे नोटों से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए।
पुलिस ने जब तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया, तो इस अंधी डकैती की परतों के पीछे अपनों का ही सबसे बड़ा धोखा सामने आया। दरअसल, पीड़ित नितिन के साथ स्कूटी पर बैठा उसका साथी करन ही इस पूरी डकैती का असली सूत्रधार (मास्टरमाइंड) था। करन उसी कंपनी में काम करता था और उसने लालच में आकर अपने बाहरी साथियों के साथ मालिक के कैश मूवमेंट की जानकारी शेयर की थी। वारदात के वक्त भी करन स्कूटी पर बैठे-बैठे लगातार अपने मोबाइल से बदमाशों को कैश की 'लाइव लोकेशन' और मूवमेंट की पल-पल की जानकारी दे रहा था।
साजिश में शामिल हुई 'बाप-बेटे' की तिकड़ी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस लूट की प्लानिंग में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि एक शातिर दिमाग बाप भी शामिल था। दरअसल, करन ने यह जानकारी अपने दोस्त मनप्रीत उर्फ ट्विंकल (30) के साथ साझा की थी, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है। मनप्रीत ने इस पूरी डकैती की योजना में अपने 56 वर्षीय पिता चरणजीत सिंह को भी शामिल कर लिया, जो करकरडूमा में इवेंट मैनेजमेंट का काम करता है।
इस बाप-बेटे की जोड़ी ने मिलकर पूरी डकैती का ताना-बाना बुना। जब पुलिस ने 19 और 20 जून को दो नाबालिगों, वीरेश उर्फ वीरू, मनप्रीत और करन को दबोचा, तब पूछताछ में इस इवेंट मैनेजर पिता चरणजीत सिंह का नाम सामने आया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने 21 जून 2026 को विकासपुरी फ्लाईओवर के पास जाल बिछाकर पिता चरणजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वीरेश, करन और चरणजीत के पास से संयुक्त रूप से 49.50 लाख रुपये की नकदी बरामद की।
500 सीसीटीवी कैमरे और 4,000 किलोमीटर का महा-चेस
डीसीपी नॉर्थ राजा बांथिया और क्राइम ब्रांच के सीनियर अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस की कई टीमें इस केस में लगी थीं। पुलिस ने वारदात के रूट पर करीब 500 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। जांच में सामने आया कि वारदात में पल्सर बाइक और स्कूटी के अलावा एक मारुति स्विफ्ट कार भी शामिल थी, जिससे रेकी की जा रही थी।
इस कार की पहचान होते ही पुलिस को पता चला कि डकैती के दो मुख्य और कुख्यात किरदार—धीर सिंह (18 आपराधिक मामलों में शामिल) और विक्की उर्फ गंजा (9 मामलों में शामिल)—कार लेकर दिल्ली से फरार हो चुके हैं। ये दोनों ही नशे के आदी हैं और हाल ही में जेल से छूटे थे। ये शातिर अपराधी पुलिस को चकमा देने के लिए दिल्ली से हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब होते हुए सीधे जम्मू-कश्मीर पहुंच गए।
पुलिस की टीम भी हार मानने को तैयार नहीं थी। लगातार सर्विलांस और राज्यों की पुलिस से तालमेल बिठाते हुए दिल्ली पुलिस की टीम 11 दिनों में 4,000 किलोमीटर का सफर तय कर जम्मू पहुंच गई। वहां पहुंचते ही पता चला कि आरोपी वापस दिल्ली के लिए निकल चुके हैं। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उनका पीछा किया और आखिरकार 22 जून को दिल्ली की सीमा में घुसते ही दोनों को दबोच लिया, जिनके पास से ₹52 लाख कैश बरामद हुए।
लूट की रकम का तिलक नगर में हुआ था बंटवारा
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी दिल्ली के तिलक नगर में इकट्ठा हुए थे। वहां सबने लूटी गई रकम को आपस में बांटा और फिर गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों की तरफ भाग निकले थे। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, स्कूटी और आरोपियों द्वारा लूटे गए पैसों से खरीदे गए मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं।
इनसाइडर थ्रिलर: डकैती का पूरा घटनाक्रम
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तारीख / पड़ाव |
क्या हुआ? (पूरा घटनाक्रम) |
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10 जून 2026 |
जखीरा फ्लाईओवर के पास बंदूक की नोक पर ₹1.5 करोड़ की लूट, साथी करन ने दी लाइव लोकेशन। |
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जांच की शुरुआत |
500 सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण; पश्चिम विहार से रूट मैपिंग। |
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19-20 जून |
स्कूटी और कार का सुराग मिला; मास्टरमाइंड कर्मचारी करन, वीरेश और मनप्रीत गिरफ्तार। |
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21 जून 2026 |
साजिश में शामिल मनप्रीत का इवेंट मैनेजर बाप चरणजीत सिंह विकासपुरी से गिरफ्तार; ₹49.50 लाख बरामद। |
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इंटरस्टेट चेस |
धीर सिंह और विक्की का 8 राज्यों (दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, यूपी, एमपी, उत्तराखंड, पंजाब, जेएंडके) में पीछा। |
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22 जून 2026 |
जम्मू से वापस लौटते ही दोनों मुख्य आरोपी दिल्ली में गिरफ्तार; ₹52 लाख बरामद। |
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कुल रिकवरी |
₹1,01,50,000 कैश, वारदात में इस्तेमाल गाड़ियाँ और मोबाइल जब्त। |
FAQ
प्रश्न 1: दिल्ली के इंद्रलोक में हुई ₹1.5 करोड़ की लूट का मास्टरमाइंड कौन था?
उत्तर: इस डकैती का मास्टरमाइंड पीड़ित का सहयोगी 'करन' था, जो उसी कंपनी में काम करता था। उसने लालच में आकर अपने साथियों के साथ जानकारी साझा की और रास्ते भर कैश की लाइव लोकेशन लीक करता रहा।
प्रश्न 2: इस डकैती में किस आरोपी के पिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया है?
उत्तर: पुलिस ने आरोपी मनप्रीत उर्फ ट्विंकल के पिता चरणजीत सिंह (56) को गिरफ्तार किया है, जो करकरडूमा में इवेंट मैनेजमेंट का काम करता है और इस पूरी साजिश का हिस्सा था।
प्रश्न 3: दिल्ली पुलिस को आरोपियों को पकड़ने के लिए किन राज्यों में जाना पड़ा?
उत्तर: पुलिस टीमों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए 11 दिनों में कुल 8 राज्यों—दिल्ली, Haryana, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर का दौरा किया।
प्रश्न 4: पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन में कितनी दूरी तय की और कुल कितनी रिकवरी हुई?
उत्तर: दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीमों ने करीब 4,000 किलोमीटर का interstate पीछा किया। इस पूरे मामले में दो नाबालिगों (CCLs) सहित 8 लोग धरे गए और ₹1,01,50,000 की नकद राशि बरामद हुई है।