दिल्ली में कानून व्यवस्था ध्वस्त: महरौली में फुटपाथ पर सो रही 11 साल की बच्ची से दरिंदगी; देवेंद्र यादव बोले- दावे हवा-हवाई, महिलाएं असुरक्षित
कांग्रेस ने लॉ एंड ऑर्डर पर बीजेपी को घेरा
दिल्ली डेस्क, 23 जून 2026
दिल्ली के दक्षिण जिला अंतर्गत महरौली इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ फुटपाथ पर अपने परिवार के साथ सो रही एक 11 वर्षीय मासूम लड़की का पहले अपहरण किया गया, फिर उसके साथ बलात्कार जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम देकर उसकी हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज मामले को लेकर अब राजधानी में सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे दिल्ली की ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था का जीता-जागता सबूत बताया है।
देवेंद्र यादव ने सीधे तौर पर सरकार और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त जहाँ अपने बयानों में लगातार दिल्ली के भीतर क्राइम रेट (अपराध दर) कम होने की शेखी बघारते हैं, वहीं दूसरी तरफ हकीकत यह है कि राजधानी में महिलाओं और मासूम बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराध हर दिन एक नया रिकॉर्ड कायम कर रहे हैं। पुलिस द्वारा इस मामले में आरोपी कैब ड्राइवर को गिरफ्तार किए जाने के दावे पर तंज कसते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह सिर्फ अपनी मुख्य जवाबदेही और नाकामी से बचने की एक औपचारिक प्रक्रिया दिखाई पड़ती है।
"भाषण देने के अलावा मुख्यमंत्री के पास कोई ठोस कदम नहीं"
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर दिन महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के साथ किडनैपिंग, बलात्कार और यौन शोषण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता औपचारिकता पूर्ण भाषण देने के अलावा कोई भी ठोस या कड़े कदम उठाने में अब तक पूरी तरह नाकाम साबित रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि राजधानी में रिकॉर्ड तोड़ महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी के कारण आज भारी संख्या में गरीब लोग फुटपाथ पर रहने को मजबूर हैं। यह स्थिति चिल्ला-चिल्लाकर बयां कर रही है कि सरकार की तथाकथित कल्याणकारी योजनाएं धरातल पर पूरी तरह फ्लॉप हो चुकी हैं और गरीबों तक उनका कोई लाभ नहीं पहुंच रहा है।
रैन बसेरों की खुली कलई, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर गरीब
11 वर्षीय मासूम के साथ हुई इस खौफनाक वारदात ने दिल्ली के शेल्टर होम्स (रैन बसेरों) के दावों की भी पोल खोलकर रख दी है। देवेंद्र यादव ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का खुले में और सड़कों पर सोना यह साफ करता है कि दिल्ली सरकार के शैल्टर होम बेघर लोगों के लिए बेहद नाकाफी और बदहाल हैं। आर्थिक मजबूरियों के कारण गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे जान हथेली पर रखकर अपना जीवन बिताने को विवश हैं, जहाँ उनकी सुरक्षा और संरक्षण की गारंटी लेने वाला कोई नहीं है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि महरौली की यह घटना केवल एक आम आपराधिक वारदात नहीं है, बल्कि यह समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लोगों की सामाजिक चुनौती और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला है। इस पर सरकार और पुलिस प्रशासन को सामान्य रवैया छोड़कर विशेष ध्यान देने की तत्काल जरूरत है।
कांग्रेस की मांग: सड़कों पर रहने वालों का हो सर्वे, सुरक्षा नीति बने
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस बर्बर घटना के बाद सरकार के सामने कुछ बेहद जरूरी मांगें रखी हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार को तुरंत सड़कों, पुलों, शेड और फुटपाथों पर खुले में रहने वाले बेघर लोगों का एक व्यापक और सटीक सर्वे कराना चाहिए। इस सर्वे के आधार पर उनके रहने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित रैन बसेरों का इंतजाम या अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को मिलकर एक मजबूत संयुक्त नीति बनानी चाहिए। इस नीति के तहत एक ठोस निर्णय लिया जाए ताकि खुले में रात बिताने को मजबूर इन गरीब और असहाय लोगों की सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था हो सके और भविष्य में किसी भी मासूम को इस तरह की हैवानियत का शिकार न होना पड़े।