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CM रेखा गुप्ता का मास्टर प्लान: दिल्ली में आएंगी 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसें, संकरी सड़कों और ग्रामीण रूटों के लिए 9 मीटर की बसों को मंजूरी

दिल्ली में वायु प्रदूषण को मात देने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2,800 नई एसी लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दे दी है। कैबिनेट बैठक में लिए गए इस बड़े फैसले के तहत 12 मीटर और 9 मीटर की बसें खरीदी जाएंगी, जिससे ग्रामीण इलाकों और संकरी सड़कों पर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहद मजबूती मिलेगी।
CM रेखा गुप्ता का मास्टर प्लान: दिल्ली में आएंगी 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसें, संकरी सड़कों और ग्रामीण रूटों के लिए 9 मीटर की बसों को मंजूरी

CM रेखा गुप्ता का मास्टर प्लान: दिल्ली में आएंगी 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसें, संकरी सड़कों और ग्रामीण रूटों के लिए 9 मीटर की बसों को मंजूरी

 

 राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण (Air Pollution) पर लगाम कसने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था (Public Transport System) को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ और हरित भारत के विजन को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली कैबिनेट (Delhi Cabinet) ने पीएम ई-ड्राइव योजना (PM E-Drive Scheme) के फेज-I के तहत 2,800 नई एसी लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें (Electric Buses) बेड़े में शामिल करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि इन शून्य-उत्सर्जन बसों के आने से दिल्ली की हवा साफ होगी और जनता को आधुनिक सफर की सुविधा मिलेगी।

 जानकारी के अनुसार, सरकार का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक दिल्ली के सार्वजनिक बस बेड़े (Public Bus Fleet) को बढ़ाकर लगभग 14,000 बसों तक पहुंचाने का है। ये नई बसें अगले साल से दिल्ली की सड़कों पर अपनी सेवा देना शुरू कर देंगी, जिससे दिल्ली के कोने-कोने तक सफर करना आसान हो जाएगा।

 

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ग्रामीण और संकरी सड़कों के लिए खास तैयारी, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस बार बसों के आकार को लेकर बेहद व्यावहारिक रणनीति (Practical Strategy) अपनाई गई है। 2,800 बसों के इस पूरे बेड़े को दो बराबर हिस्सों में बांटा गया है:

 

 12 मीटर लंबी बसें

 मुख्य मार्गों और बड़े रूटों पर यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए 1,400 बसें 12 मीटर की होंगी।

 

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 09 मीटर लंबी बसें

दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas) और पुराने व संकरे रास्तों के लिए 1,400 बसें 9 मीटर की होंगी। यह छोटी बसें तंग गलियों में आसानी से चल सकेंगी, जिससे यात्रियों को मुख्य रास्तों से अपने घर तक पहुंचने के लिए अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी (Last-Mile Connectivity) मिल सकेगी।

 

जीसीसी मॉडल पर डीटीसी संभालेगी कमान, मिलेगी भारी सरकारी सब्सिडी

परियोजना के नियमों के अनुसार, इन सभी 2,800 बसों का पूरा जिम्मा दिल्ली परिवहन निगम (Delhi Transport Corporation - DTC) के हाथों में होगा।

 

संचालन मॉडल

 इन बसों को ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (Gross Cost Contract - GCC) मॉडल के तहत 12 वर्षों के सेवा अनुबंध (Service Contract) पर चलाया जाएगा। इसके लिए सीईएसएल (CESL) द्वारा देशव्यापी प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया (Competitive Bidding Process) अपनाई गई है।

 

वित्तीय सहायता

 पीएम ई-ड्राइव फेज-I के तहत 12 मीटर की प्रत्येक बस पर अधिकतम 35 लाख रुपये और 9 मीटर की प्रत्येक बस पर अधिकतम 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता (Financial Assistance) का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया है।

 

अगले साल अप्रैल से शुरू होगा संचालन, आईआईटी दिल्ली करेगी रूटों का पुनर्गठन

मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन आधुनिक बसों को अगले साल अप्रैल 2026 से दिल्ली की सड़कों पर उतारने का डेडलाइन (Deadline) तय किया गया है। अगस्त 2028 तक सभी 2,800 बसों का पूरा बेड़ा दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में पूरी तरह शामिल हो जाएगा।

बसों के प्रभावी संचालन के लिए आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) के तकनीकी सहयोग से बस रूटों का युक्तिसंगत पुनर्गठन (Rationalization of Bus Routes) किया जाएगा। इसके अलावा, बस मैनेजमेंट सिस्टम (Bus Management System - BMS) और इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनों (Electronic Tickting Machines - ETM) जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से बस संचालन की रियल-टाइम निगरानी और टिकटिंग व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और हाईटेक बनाया जाएगा।

Sanjeev Kumar Mishra

Sanjeev Kumar Mishra

संजीव कुमार मिश्र 15 साल से श्रमजीवी पत्रकार हैं। 2009 में जर्नलिज्म में मास्टर करने के बाद राजधानी दिल्ली के प्रतिष्टित अखबारों, न्यूज चैनलों में काम किया। संजीव कुमार मिश्र के पत्रकारिता के करियर में जनसंदेश न्यूज चैनल, हरिभूमि अखबार, महामेधा अखबार, हमारा महानगर, डीएलए, दीयंगिस्तान और दैनिक जागरण महत्वपूर्ण पड़ाव है। दैनिक जागरण में साढ़े नौ साल की लंबी पारी खेली। दैनिक जागरण के राज्य ब्यूरो की सिटी टीम में कार्य करते हुए बाल आयोग, महिला आयोग से ना केवल संवेदनशील खबरें लिखीं बल्कि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, स्थानी बाजारों पर भी मजबूत पकड़ बनाई। अन्ना आंदोलन, वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड के दौरान संजीव कुमार मिश्र की कई खबरें चर्चा के केंद्रबिंदू में रहीं। इस समय Delhi Desk में सीनियर कंटेट एडिटर के रूप में कार्यरत।

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