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Delhi EV Policy 2026 लागू होते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को देनी पड़ी सफाई, दिया बड़ा बयान

दिल्ली में 1 जुलाई से Delhi EV Policy 2026 लागू हो गई है। पहले ही दिन जनता और विशेषज्ञों के संशयों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ा स्पष्टीकरण जारी कर सरकार का भविष्य का रोडमैप साझा किया है।
Delhi EV Policy 2026 लागू होते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को देनी पड़ी सफाई, दिया बड़ा बयान

Delhi EV Policy 2026 लागू होते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को देनी पड़ी सफाई, दिया बड़ा बयान

दिल्ली में आज यानी 1 जुलाई से बहुप्रतीक्षित Delhi EV Policy 2026 को आधिकारिक तौर पर पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है। नई नीति के प्रभावी होते ही जहां पर्यावरणविदों में भारी उत्साह है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे और सब्सिडी पात्रता को लेकर विशेषज्ञों और आम जनता के बीच कुछ संशय भी उभरने लगे हैं। इन चर्चाओं के बीच, नीति के लागू होने के पहले ही दिन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक विस्तृत बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी नीति के हर पहलू को बारीकी से समझाते हुए इसके पीछे छिपे सरकार के ठोस इरादों और प्रशासनिक रोडमैप को दिल्लीवासियों के सामने रखा।

 

Delhi EV Policy 2026 लागू होने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या सफाई दी है?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि Delhi EV Policy 2026 का प्राथमिक उद्देश्य दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार करना और वाहनों से होने वाले 23% उत्सर्जन को रोकना है। इसके लिए दोपहिया, तिपहिया और कमर्शियल वाहनों के त्वरित विद्युतीकरण, मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

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वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर वार: दोपहिया वाहनों का त्वरित विद्युतीकरण जरूरी क्यों?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने पहले ही बयान में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की नवीनतम रिपोर्ट का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राजधानी में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े और दूरगामी कदम उठाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

 

रिपोर्ट और नीति के मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं:

सर्दियों का प्रदूषण संकट: सीएक्यूएम की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में सर्दियों के दौरान होने वाले वायु प्रदूषण में लगभग 23 प्रतिशत का सीधा योगदान केवल वाहनों से होने वाले धुएं का होता है, जो सभी प्रदूषण स्रोतों में सबसे शीर्ष पर है।

 

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दोपहिया वाहनों का भारी दबाव: दिल्ली की सड़कों पर दौड़ने वाले कुल वाहनों में से लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा दोपहिया वाहनों (Two-wheelers) का है। यही कारण है कि वायु प्रदूषण पर त्वरित अंकुश लगाने के लिए दोपहिया वाहनों का तेज गति से विद्युतीकरण करना नीति की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

दूरी तय करने वाले वाहनों पर फोकस: इसके अलावा, तिपहिया ऑटो, कमर्शियल टैक्सियां और एन-1 श्रेणी के मालवाहक गाड़ियां प्रतिदिन शहर के भीतर सबसे अधिक दूरी तय करती हैं। इन्हें जल्द से जल्द इलेक्ट्रिक में कनवर्ट करना पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

दिल्ली ईवी नीति 2026 का नया प्रशासनिक ढांचा: किस विभाग को क्या जिम्मेदारी मिली?

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि Delhi EV Policy 2026 को पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार ने एक सुव्यवस्थित और बहु-स्तरीय संस्थागत तंत्र (Institutional Framework) तैयार किया है।

 

प्रमुख विभाग और उनके कार्यों का संक्षिप्त विवरण (Data Table)

 

विभाग / एजेंसी (Department)

आवंटित भूमिका और प्रमुख कार्यभार (Role & Responsibility)

परिवहन विभाग (Transport Dept)

मुख्य नोडल विभाग; इसके अधीन एक समर्पित ईवी सेल (EV Cell) नीति का संचालन और समन्वय संभालेगा।

मॉडल अनुमोदन समिति (Model Approval)

तकनीकी मानकों और पात्रता के आधार पर सब्सिडी योग्य ईवी वाहनों के मॉडलों का परीक्षण और उन्हें मंजूरी देना।

दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL)

चार्जिंग एवं बैटरी स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नोडल एजेंसी; सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क की योजना और समन्वय।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC)

PPP मॉडल पर बैटरी संग्रह केंद्रों का विकास और सुरक्षित बैटरी रीसाइक्लिंग सुनिश्चित करना।

शिक्षा विभाग (Education Dept)

स्कूल बसों के चरणबद्ध विद्युतीकरण की निगरानी और बच्चों के बीच पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता बढ़ाना।

राजस्व विभाग (Revenue Dept)

चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि की पहचान कर उपलब्ध कराना।

 

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चाधिकार समिति करेगी नियमित समीक्षा

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नीति के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी को रोकने के लिए उच्च स्तरीय निगरानी व्यवस्था की गई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में परिवहन, पर्यावरण, ऊर्जा, योजना, वित्त विभाग, डीटीएल और डिस्कॉम के आला अधिकारी शामिल होंगे, जो समय-समय पर नीति की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

इसके अतिरिक्त, नीतिगत स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन शीर्ष समिति कार्य करेगी, जो भविष्य में हाइड्रोजन या अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित नई प्रौद्योगिकियों के आने पर सरकार को आवश्यक सुझाव और संशोधन की अनुशंसा करेगी।

 

Delhi EV Policy 2026 से जुड़े FAQs

 

प्रश्न 1: दिल्ली में वायु प्रदूषण में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन का क्या योगदान है?

उत्तर: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में (विशेषकर शीतकाल के दौरान) कुल वायु प्रदूषण में लगभग 23% योगदान वाहनों से होने वाले उत्सर्जन का है।

 

प्रश्न 2: दिल्ली में चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क के विस्तार के लिए नोडल एजेंसी किसे बनाया गया है?

उत्तर: दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) को इस इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए मुख्य नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए प्रक्रिया को सरल बनाएगी।

 

प्रश्न 3: सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी पाने के लिए क्या प्रक्रिया होगी?

उत्तर: सब्सिडी केवल उन्हीं मॉडलों पर मिलेगी जिन्हें परिवहन विभाग के अधीन गठित 'मॉडल अनुमोदन समिति' द्वारा तकनीकी मानकों और दिशा-निर्देशों के आधार पर स्वीकृत किया जाएगा।

Sanjeev Kumar Mishra

Sanjeev Kumar Mishra

संजीव कुमार मिश्र 15 साल से श्रमजीवी पत्रकार हैं। 2009 में जर्नलिज्म में मास्टर करने के बाद राजधानी दिल्ली के प्रतिष्टित अखबारों, न्यूज चैनलों में काम किया। संजीव कुमार मिश्र के पत्रकारिता के करियर में जनसंदेश न्यूज चैनल, हरिभूमि अखबार, महामेधा अखबार, हमारा महानगर, डीएलए, दीयंगिस्तान और दैनिक जागरण महत्वपूर्ण पड़ाव है। दैनिक जागरण में साढ़े नौ साल की लंबी पारी खेली। दैनिक जागरण के राज्य ब्यूरो की सिटी टीम में कार्य करते हुए बाल आयोग, महिला आयोग से ना केवल संवेदनशील खबरें लिखीं बल्कि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, स्थानी बाजारों पर भी मजबूत पकड़ बनाई। अन्ना आंदोलन, वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड के दौरान संजीव कुमार मिश्र की कई खबरें चर्चा के केंद्रबिंदू में रहीं। इस समय Delhi Desk में सीनियर कंटेट एडिटर के रूप में कार्यरत।

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