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IIT दिल्ली की स्टडी में खुलासा: दिल्ली की सड़कों पर उतरते ही छा गई 'देवी' बस, 13% लोगों ने छोड़ी अपनी कार और बाइक

IIT दिल्ली के TRIP सेंटर की स्टडी में बड़ा खुलासा हुआ है कि दिल्ली में छोटी ई-बसों (देवी बस) की एंट्री से सड़कों पर कारों और मोटरसाइकिलों का दबाव कम हो रहा है। 13% यात्रियों ने अपनी निजी गाड़ियाँ छोड़कर बस से सफर करना शुरू किया है।
IIT दिल्ली की स्टडी में खुलासा: दिल्ली की सड़कों पर उतरते ही छा गई 'देवी' बस, 13% लोगों ने छोड़ी अपनी कार और बाइक

New Delhi Breaking News: राजधानी दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़कों से जाम का झाम खत्म करने के लिए शुरू की गई 'देवी बस सेवा' (Devi Bus Service) अब धरातल पर बड़ा बदलाव लाती दिख रही है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Delhi) के एक ताजा अध्ययन से खुलासा हुआ है कि इन छोटी इलेक्ट्रिक बसों (Mini Electric Buses) की वजह से दिल्ली की सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव काफी कम हुआ है।

IIT दिल्ली के ट्रांसपोर्टेशन रिसर्च एंड इंजरी प्रिवेंशन (TRIP) सेंटर द्वारा किए गए इस रिसर्च के मुताबिक, 'देवी बस' में सफर करने वाले 13 प्रतिशत यात्री ऐसे हैं, जो पहले अपने पर्सनल कार या बाइक/स्कूटी से सफर करते थे। इस स्टडी को हाल ही में 'यूआईटीपी इंडिया बस कांफ्रेंस 2026' में आधिकारिक तौर पर पेश किया गया है।

 

ट्रैफिक में राहत: किन साधनों को छोड़कर 'देवी बस' में शिफ्ट हुए लोग?

आईआईटी दिल्ली के अध्ययन में सामने आया है कि हर तीन में से एक यात्री किसी न किसी अन्य साधन को छोड़कर 'देवी बस सेवा' को अपना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार यात्रियों का शिफ्टिंग पैटर्न कुछ इस प्रकार है:

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  • प्राइवेट बसें: 50.5% यात्री
  • ई-रिक्शा: 17% यात्री
  • निजी वाहन (कार/बाइक): 13% यात्री
  • ऑटो-रिक्शा: 9.4% यात्री
  • ग्रामीण सेवा: 5.9% यात्री
  • साइकिल-रिक्शा: 0.8% यात्री

 

'पिंक टिकट' के बावजूद पुरुषों ने छोड़ी अपनी गाड़ियां

स्टडी का सबसे चौंकाने वाला और दिलचस्प पहलू यह है कि अपनी पर्सनल कार या बाइक छोड़कर बस सेवा अपनाने वालों में पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है। दिल्ली में महिलाओं के लिए बस सफर 'पिंक टिकट' (Pink Ticket) के जरिए बिल्कुल मुफ्त है, इसके बावजूद अपनी निजी गाड़ियां घर पर खड़ी कर बस में शिफ्ट होने के मामले में दिल्ली के पुरुषों ने बाजी मारी है।

 

82% यात्री सीधे पहुँच रहे मंजिल, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बनी गेमचेंजर

'देवी बसों' के छोटे आकार और तंग गलियों व संकरे रास्तों में आसानी से निकल जाने की क्षमता ने इसे दिल्ली के यात्रियों का पसंदीदा साधन बना दिया है।

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  • डायरेक्ट कनेक्टिविटी: 82% यात्री बिना किसी दूसरे साधन का इस्तेमाल किए सीधे अपनी मंजिल तक पहुँच रहे हैं।
  • मेट्रो और अन्य कनेक्टर्स: 9% यात्री दूसरी बस पकड़ने, 8% यात्री मेट्रो स्टेशन पहुँचने और 1% लोग अन्य जगहों तक जाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।
  • औसत सफर: इन बसों में यात्री औसतन 4.7 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं।
  • रिसर्च का दायरा: यह विस्तृत स्टडी दिल्ली के 85 अलग-अलग रूटों पर दौड़ रही 503 देवी बसों के यात्रियों के डेटा पर आधारित है।

 

विशेषज्ञ की राय: क्यों लोगों को भा रही है देवी बस?

IIT दिल्ली (TRIP सेंटर) के एसोसिएट प्रोफेसर राहुल गोयल के अनुसार देवी बसें लोगों को उनके घर के बेहद करीब (Doorstep/First-Mile) से मिल जाती हैं। इसी सीधी और आसान कनेक्टिविटी का फायदा उठाकर लोग निजी वाहनों के बजाय इन ई-बसों में सफर करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

 

दिल्ली वासियों के लिए क्या हैं इसके मायने?

दिल्ली में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण (Air Pollution) और पीक ऑवर्स के ट्रैफिक जाम को देखते हुए यह स्टडी बेहद अहम मानी जा रही है। अगर 13% लोग अपनी कार और बाइक छोड़कर सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) पर शिफ्ट हो रहे हैं, तो यह आने वाले दिनों में ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत का सीधा संकेत है।

Sanjeev Kumar Mishra

Sanjeev Kumar Mishra

संजीव कुमार मिश्र 15 साल से श्रमजीवी पत्रकार हैं। 2009 में जर्नलिज्म में मास्टर करने के बाद राजधानी दिल्ली के प्रतिष्टित अखबारों, न्यूज चैनलों में काम किया। संजीव कुमार मिश्र के पत्रकारिता के करियर में जनसंदेश न्यूज चैनल, हरिभूमि अखबार, महामेधा अखबार, हमारा महानगर, डीएलए, दीयंगिस्तान और दैनिक जागरण महत्वपूर्ण पड़ाव है। दैनिक जागरण में साढ़े नौ साल की लंबी पारी खेली। दैनिक जागरण के राज्य ब्यूरो की सिटी टीम में कार्य करते हुए बाल आयोग, महिला आयोग से ना केवल संवेदनशील खबरें लिखीं बल्कि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, स्थानी बाजारों पर भी मजबूत पकड़ बनाई। अन्ना आंदोलन, वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड के दौरान संजीव कुमार मिश्र की कई खबरें चर्चा के केंद्रबिंदू में रहीं। इस समय Delhi Desk में सीनियर कंटेट एडिटर के रूप में कार्यरत।

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