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दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच 14.0: 48 घंटे में 337 अपराधी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच 14.0: राजधानी में स्ट्रीट क्राइम और नशा तस्करों को उखाड़ फेंकने के लिए सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 48 घंटे का एक बड़ा 'नॉन-स्टॉप' महा-अभियान चलाया है। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के नेतृत्व में 99 विशेष टीमों ने दिल्ली के 338 हॉटस्पॉट्स पर ताबड़तोड़ छापेमारी करके 337 शातिर अपराधियों को दबोच लिया। इस दौरान पुलिस ने 36 एनडीपीएस मामले, 20 आर्म्स एक्ट और 22 एक्साइज एक्ट के केस दर्ज कर भारी मात्रा में गांजा, स्मैक, एमडीएमए, 5 अवैध हथियार, 1,530 क्वार्टर शराब और 10 चोरी के वाहन बरामद किए हैं। अपराधियों के खिलाफ नए कानून (BNSS) और प्रिवेंटिव एक्शन के तहत 3,511 लोगों को हिरासत में लेकर कड़ी कार्रवाई की गई है।
दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच 14.0: 48 घंटे में 337 अपराधी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच 14.0: 48 घंटे में 337 अपराधी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच 14.0: यह महा-अभियान कब और कैसे चलाया गया?

देश की राजधानी में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और सड़क पर होने वाले अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बहुत बड़ा एक्शन लिया है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए एक अभूतपूर्व और चौतरफा सर्च ऑपरेशन चलाया है। इस महा-अभियान के तहत पूरी दिल्ली में अपराधियों, नशा तस्करों, जुआरियों और अवैध हथियार रखने वालों के बीच हड़कंप मच गया। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद इंटरनेट पर दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच 14.0 सबसे बड़ा ट्रेंडिंग विषय बन गया है, क्योंकि मात्र 48 घंटों के भीतर पुलिस ने सैकड़ों ठिकानों पर एक साथ रेड करके 337 शातिर अपराधियों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है।

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 22 जून 2026 की शाम 6 बजे से 24 जून 2026 की शाम 6 बजे तक लगातार 48 घंटे यह ऑपरेशन चलाया। इसके तहत 99 विशेष टीमों ने दिल्ली के अलग-अलग हॉटस्पॉट्स और संदिग्ध ठिकानों पर कुल 338 खुफिया छापेमारी (Intelligence-led Raids) की।

 

48 घंटे का 'नॉन-स्टॉप' एक्शन: 99 टीमें और 338 रेड

पुलिस मुख्यालय (PHQ) के कड़े निर्देशों पर डीसीपी (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट) रोहित राजबीर सिंह (IPS) की देखरेख में इस खुफिया-आधारित ऑपरेशन का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था। इस मिशन को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के सभी थानों की फोर्स के साथ-साथ साइबर पुलिस स्टेशन, एंटी-नारकोटिक्स सेल, स्पेशल स्टाफ और एएटीएस (AATS) की टीमों को मैदान में उतारा गया।

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लगातार दो दिनों तक चले इस अभियान के तहत 99 पुलिस टीमों ने स्लम क्लस्टर्स, अवैध शराब सप्लाई के रास्तों, संवेदनशील इलाकों और चिन्हित हॉटस्पॉट्स पर एक साथ 338 रेड कीं। चौबीसों घंटे की गई नाकाबंदी और मोबाइल पेट्रोलिंग की वजह से अपराधियों को भागने या छिपने का कोई मौका नहीं मिला। इस दौरान 3,511 लोगों को हिरासत में लिया गया और कुल 337 अपराधियों की आधिकारिक गिरफ्तारी की गई।

 

एनडीपीएस, आर्म्स और एक्साइज एक्ट के तहत बंपर रिकवरी

इस 48 घंटे की छापेमारी के दौरान पुलिस ने नशे के कारोबार से लेकर अवैध हथियारों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। अलग-अलग अपराधों में दर्ज मुकदमों और गिरफ्तारियों का ब्योरा इस प्रकार है:

 

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1. ड्रग्स और नशा तस्करों पर प्रहार (NDPS Act)

एंटी-नारकोटिक्स सेल और पुलिस टीमों ने मिलकर एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 36 मामले दर्ज किए और 45 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा। इनके पास से भारी मात्रा में गांजा, स्मैक और एमडीएमए (MDMA) जैसे खतरनाक ड्रग्स बरामद किए गए।

 

2. अवैध हथियारों का जखीरा जब्त (Arms Act)

हथियार तस्करों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत 20 केस दर्ज किए। इस दौरान 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से पिस्टल, देसी कट्टे, कारतूस और घातक चाकू बरामद किए गए।

 

3. शराब माफिया और जुआरियों पर शिकंजा (Excise & Gambling Act)

अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए एक्साइज एक्ट में 22 मामले दर्ज कर 22 लोगों को पकड़ा गया, जिनके पास से 1,530 क्वार्टर अवैध शराब मिली। वहीं, जुए के अड्डों पर मार गिराए गए छापों में 28 केस दर्ज कर 59 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया और करीब ₹87,050 की नकदी जब्त की गई।

 

ऑपरेशन कवच 14.0 की कुल रिकवरी और परफॉर्मेंस रिपोर्ट

इस दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच 14.0 अभियान की विशालता और सफलता को समझने के लिए नीचे दी गई विस्तृत तालिका (Data Table) को देखें, जिसमें पुलिस की सभी बड़ी बरामदगी और कार्रवाई का लेखा-जोखा है:

अपराध श्रेणी (Acts / Crime Profile)

दर्ज किए गए केस (FIRs)

गिरफ्तार आरोपी (Apprehended)

कुल बरामदगी (Total Recovery)

नारकोटिक्स (NDPS Act)

36 मामले

45 तस्कर

5.001 किलो गांजा, 54.76 ग्राम स्मैक, 52 ग्राम MDMA, 150 एविल इंजेक्शन, 231 सिरिंज

अवैध हथियार (Arms Act)

20 मामले

20 आरोपी

2 पिस्टल, 3 देसी कट्टे, 7 जिंदा कारतूस, 16 चाकू

अवैध शराब (Excise Act)

22 मामले

22 आरोपी

1,530 क्वार्टर अवैध शराब

अवैध जुआ (Gambling Act)

28 मामले

59 जुआरी

₹87,050 कैश, 1,092 ताश के पत्ते

वाहन चोरी (Auto Lifting)

-

4 ऑटो लिफ्टर

10 चोरी के वाहन (कार/बाइक) बरामद

भगोड़े अपराधी (PO)

-

4 घोषित अपराधी

कोर्ट से भगोड़े घोषित (PO) अपराधी गिरफ्तार

 

अन्य सख्त और निवारक (Preventive) कार्रवाइयां

सिर्फ गिरफ्तारियां ही नहीं, बल्कि क्राइम को रोकने के लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर कानूनी चाबुक चलाया है:

  • हिरासत और वेरिफिकेशन: दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत 3,511 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके अलावा इलाके के 306 'बैड कैरेक्टर्स' (BC) और हिस्ट्रीशीटरों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया गया।
  • कोटपा चालान (COTPA): सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और तंबाकू नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,119 लोगों के चालान काटे गए।
  • सख्त निवारक गिरफ्तारियां: नए कानून के तहत कार्रवाई करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/169 और 126/170 के तहत कुल 204 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

 

Q&A

 

प्रश्न 1: दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच 14.0 किस जिले की पुलिस द्वारा चलाया गया?

उत्तर: यह व्यापक ऑपरेशन दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट (Central District Police) द्वारा डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के नेतृत्व में चलाया गया।

 

प्रश्न 2: इस पूरे 48 घंटे के ऑपरेशन में कुल कितने अपराधियों को पकड़ा गया है?

उत्तर: इस 48 घंटे के लगातार चले अभियान में कुल 337 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और 3,511 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

 

प्रश्न 3: ऑपरेशन कवच 14.0 के दौरान नशीले पदार्थों (Narcotics) में क्या-क्या बरामद हुआ?

उत्तर: पुलिस ने 5 किलो से अधिक गांजा, 54.76 ग्राम स्मैक, 52 ग्राम MDMA, 150 एविल इंजेक्शन, और 45 कोडी कफ सिरप की बोतलें बरामद की हैं।

 

प्रश्न 4: क्या इस ऑपरेशन के दौरान चोरी की गाड़ियां और अवैध हथियार भी मिले हैं?

उत्तर: हाँ, इस कार्रवाई में 10 चोरी के वाहन बरामद किए गए हैं और हथियारों के तौर पर 2 पिस्टल, 3 देसी कट्टे, 7 कारतूस व 16 चाकू जब्त किए गए हैं।

 

प्रश्न 5: इस ऑपरेशन में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किन नई धाराओं का इस्तेमाल हुआ?

उत्तर: अपराधियों और उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/169 और 126/170 के तहत कार्रवाई की गई।

Sanjeev Kumar Mishra

Sanjeev Kumar Mishra

संजीव कुमार मिश्र 15 साल से श्रमजीवी पत्रकार हैं। 2009 में जर्नलिज्म में मास्टर करने के बाद राजधानी दिल्ली के प्रतिष्टित अखबारों, न्यूज चैनलों में काम किया। संजीव कुमार मिश्र के पत्रकारिता के करियर में जनसंदेश न्यूज चैनल, हरिभूमि अखबार, महामेधा अखबार, हमारा महानगर, डीएलए, दीयंगिस्तान और दैनिक जागरण महत्वपूर्ण पड़ाव है। दैनिक जागरण में साढ़े नौ साल की लंबी पारी खेली। दैनिक जागरण के राज्य ब्यूरो की सिटी टीम में कार्य करते हुए बाल आयोग, महिला आयोग से ना केवल संवेदनशील खबरें लिखीं बल्कि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, स्थानी बाजारों पर भी मजबूत पकड़ बनाई। अन्ना आंदोलन, वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड के दौरान संजीव कुमार मिश्र की कई खबरें चर्चा के केंद्रबिंदू में रहीं। इस समय Delhi Desk में सीनियर कंटेट एडिटर के रूप में कार्यरत।

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