Delhi Rain: 90 प्रतिशत नाले सफाई के दावे पर विपक्ष ने उठाए सवाल, कहा-जोन वाइज डिटेल दे सरकार!
Delhi Rain: दिल्ली में मानसून की दस्तक के साथ ही पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने जहां मौसम का मिजाज बदला है, वहीं दिल्ली सरकार के नालों की सफाई के दावों की भी धज्जियां उड़ा दी हैं। दिल्ली में बारिश (Delhi rain) के बाद सड़कों पर हुए भारी जलभराव को लेकर दिल्ली नगर निगम (MCD) में राजनीतिक घमासान छिड़ा हुआ है। नगर निगम में नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने महापौर (Mayor) प्रवेश वाही को एक बेहद कड़ा पत्र लिखा है।
नेता विपक्ष ने भाजपा सरकार के उस दावे को पूरी तरह झूठा करार दिया है, जिसमें मानसून से पहले दिल्ली के 90 प्रतिशत नाले-नालियों की सफाई पूरी होने की बात कही गई थी। नारंग ने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा है कि पहली ही बारिश ने इस दावे की पोल खोल दी है, अब सरकार इसका पुख्ता सबूत जनता के सामने रखे।
जानकारी के अनुसार, अंकुश नारंग ने अपने पत्र में तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर 90% सफाई हो चुकी थी, तो फिर आज पूरी दिल्ली पानी-पानी क्यों हो गई? लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल जैसी बेहद संवेदनशील जगह से लेकर आम लोगों की कॉलोनियां और मुख्य मार्ग जलमग्न हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की तैयारियां धरातल पर शून्य और केवल कागजों में ही सिमटी हुई थीं, जिसका खामियाजा आज दिल्ली की जनता भुगत रही है।
चिट्ठी में की गई ये 6 बड़ी और सख्त मांगें:
नेता विपक्ष ने दिल्लीवासियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए महापौर के सामने 6 मुख्य मांगें रखी हैं और सरकार से जवाबदेही तय करने को कहा है:
- सबूत दे सरकार (डेटा की मांग): भाजपा सरकार और प्रशासन द्वारा किए गए 90 प्रतिशत नाले-नालियों की सफाई के दावे का जोन-वार प्रामाणिक डेटा (सबूत) विपक्ष के कार्यालय को तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
- 24 घंटे में जल निकासी: दिल्ली के जितने भी इलाके जलभराव की चपेट में हैं, उनकी तत्काल पहचान कर अगले 24 घंटे के भीतर पंपिंग कर पानी साफ किया जाए।
- अस्पतालों के लिए आपातकालीन प्लान: लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, मुख्य मार्गों और स्कूलों के पास से पानी निकालने के लिए विशेष आपातकालीन ड्रेनेज सिस्टम चालू हो।
- हादसों को रोकने के लिए निरीक्षण: राजेंद्र नगर जैसी किसी भी बड़ी या दर्दनाक दुर्घटना को दोबारा होने से रोकने के लिए बिजली विभाग के साथ मिलकर तुरंत संयुक्त सुरक्षा निरीक्षण कराया जाए।
- लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज: जिन भी ठेकेदारों, जोनल कर्मचारियों या बड़े अधिकारियों की लापरवाही के कारण दिल्ली की यह दुर्दशा हुई है, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
- राहत दल और हेल्पलाइन: जलभराव से प्रभावित आम नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर, विशेष राहत दल और मेडिकल टीम को तुरंत ग्राउंड पर एक्टिव किया जाए।
नारंग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि दिल्ली की जनता की सुरक्षा और उनकी सहूलियत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और प्रशासन को इस घोर विफलता की जिम्मेदारी लेनी ही होगी।