दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर निवासियों को DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा के लिए अब पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड (Pink Saheli Smart Card) अनिवार्य होगा। पुराना पेपर पिंक टिकट सिस्टम धीरे-धीरे बंद हो रहा है, तो अगर आपने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया, तो यहां हर ज़रूरी सवाल का सीधा जवाब है।
मुझे अभी कार्ड बनवाना ज़रूरी है क्या?
तुरंत ज़रूरी नहीं, पर देर करना ठीक नहीं। 31 अगस्त 2026 तक पुराना पेपर पिंक टिकट चलता रहेगा, लेकिन 1 सितंबर 2026 से बिना स्मार्ट कार्ड के मुफ्त यात्रा नहीं मिलेगी।
कार्ड बनवाने के लिए कहां जाना होगा?
पिंक सहेली कार्ड मुख्य रूप से तीन तरह के केंद्रों पर मिलता है:
- डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) के दफ्तर
- चुनिंदा DTC बस डिपो (पास सेक्शन)
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष कैंप — जैसे कनॉट प्लेस (Connaught Place), कश्मीरी गेट (Kashmere Gate) और साकेत (Saket)
शहर भर में कुल मिलाकर करीब 50-58 ऐसे केंद्र सक्रिय हैं।
किन डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत होगी?
- मूल आधार कार्ड (फोटोकॉपी या Xerox मान्य नहीं है, ओरिजिनल ले जाना ज़रूरी)
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (OTP/बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए)
- एक पासपोर्ट साइज़ फोटो (कुछ केंद्रों पर मांगी जा सकती है)
कार्ड बनवाने का प्रोसेस कितना समय लेता है?
केंद्र पर पहुंचकर आधार-आधारित बायोमेट्रिक/OTP वेरिफिकेशन होता है। वेरिफिकेशन पूरा होते ही ज़्यादातर मामलों में कार्ड तुरंत, बिना किसी इंतज़ार के वहीं सौंप दिया जाता है।
किस समय जाना चाहिए?
केंद्र आम तौर पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक, हफ्ते के सभी कार्यदिवसों में खुले रहते हैं।
कार्ड बन जाने के बाद इस्तेमाल कैसे करें?
DTC या क्लस्टर बस में चढ़ते समय कंडक्टर की ETM मशीन पर सिर्फ अपना पिंक कार्ड टैप करना होगा — मुफ्त यात्रा की सुविधा वहीं मिल जाएगी।
अब तक कितने कार्ड बन चुके हैं?
अधिकारियों के मुताबिक शहर भर में अब तक करीब 18 लाख पिंक सहेली कार्ड बांटे जा चुके हैं। सरकार इस संख्या को अगस्त के अंत तक और बढ़ाना चाहती है, उसके बाद ही कार्ड को पूरी तरह अनिवार्य किया जाएगा।